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Jammu News: सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना के शिविर दोबारा लगाए जाएं

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सांबा। आतंकवादी घटनाओं में हो रही बढ़ोतरी को लेकर सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों ने सेना के शिविर दोबारा स्थापित करने की मांग की।
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स्थानीय निवासी रंजीत सिंह, संजय शर्मा, शक्ति शर्मा और सुशील आदि ने कहा कि पहले सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना के कैंप थे, जिस पर सीमावर्ती क्षेत्र के लोग बेफिक्र रहते थे। गत दो वर्ष से उक्त शिविरों को बंद किया गया है। अब आतंकी गतिविधियां बढ़ गई हैं। ऐसे में सेना के शिविरों को दोबारा स्थापित किया जाए ताकि सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को भय मुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में सेना के शिविर रहने से आतंकवादियों के मददगारों को डर रहता था। सांबा सेक्टर में पाकिस्तानी सेना की ओर से हमेशा ही घुसपैठ करवाए जाने के कई प्रयास किए गए हैं। इनमें कई प्रयास सफल भी हो चुके हैं। जिले में पहले भारत पाक सीमा पर तारबंदी नहीं थी तो इस क्षेत्र से तस्कर इस मार्ग का इस्तेमाल करते थे। बाद में इसी मार्ग पर घुसपैठ के प्रयास होने लगे। तार काट कर घुसपैठ की जाती रही थी। सुरक्षा बलों के कड़े पहरे के बाद पाक सेना की ओर से सीमा पर भूमि के भीतर टनल निकाल कर घुसपैठ करवाई जाने लगी। सबसे पहले जिले के सीमावर्ती गांव चलियारी में गत वर्ष 2008 में भारतीय सीमा के भीतर 500 मीटर अंदर टनल मिली थी। जो भूमि से 25 फुट नीचे थी। ऑक्सीजन की पाइप तक लगा रखी थी। उसके बाद रिगाल, चक फकीरा, बैनगलाड व रामगढ में छह टनल निकाली गई थीं। इनमें कुछ टनल से घुसपैठ के सफल प्रयास भी हो चुके हैं। बाद में उक्त टनल को सुरक्षा बलों ने खोज निकाला था। पाक सेना की ओर से ड्रोन से भी हथियार गिराए जाने के आधा दर्जन मामले सांबा सेक्टर में आ चुके हैं। अब एक बार फिर से सांबा व कठुआ जिलों में आतंकी गतिविधियों को बढ़ाया दिया जा रहा है।
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सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
आतंकी गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षा बलों व पुलिस की ओर से सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है। सीमावर्ती क्षेत्रों की ओर जाने वाले संपर्क मार्ग पर बीएसएफ व पुलिस ने नाकेबंदी कर रखी है। हर आने जाने वालों की गहन जांच की जा रही है। आज दिन भर पुलिस व बीएसएफ के जवान नाके लगाकर जांच करने में जुटे रहे। बार्डर मार्ग पर बहने वाले नालों पर भी पूरी चौकसी रखी जा रही है।
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