ज्यौड़ियां। गांव नरभेरा में शुक्रवार को चैत्र चौदशी का मेला लगाया गया। इसमें क्षेत्र के हजारों लोगों ने भाग लिया।
बताया जाता है कि सन् 1965 से पहले इस स्थान पर आज के दिन एक विशाल मेला लगता था लेकिन किन्हीं दो पक्षों के बीच की लड़ाई में मेले को बंद कर दिया गया। मनावर तवी के तट पर जिस स्थान पर यह मेला लगता था वहां पर मनावर तवी उत्तर दिशा की ओर बहती है। इसके चलते इस जगह को उतर वाहिनी के नाम से भी जाना जाता है। आसपास के गांवों के लोग यहां पर पवित्र स्नान के लिए आते हैं। क्षेत्र के लोगों के अनुसार मेले को बंद होने के काफी सालों के बाद गांव नरभेरा के लोगों को शिवाजी महाराज के दर्शन होने लगे और उसके बाद शिव आसन मंदिर बटल की अनुमति से उतर वाहिनी में एक शिव मंदिर का निर्माण किया गया। यहां पर पिछले पांच सालों से लगातार अब फिर मेला लगता है। शुक्रवार को भी मेला लगा, जिसमें क्षेत्र के हजारों लोगों ने भाग लिया और स्नान किया। इस अवसर पर एक भंडारे का भी आयोजन किया गया। यहां के लोगों की मांग है कि अगर सरकार इस स्थान की तरफ तवज्जो दे तो इस स्थान को हरिद्वार की तर्ज पर बनाया जा सकता है।