कश्मीर घाटी के युवाओं के अच्छे भविष्य के लिए भी सेना काम कर रही है। छात्रों को राज्य से बाहर एक्सपोजर के लिए समय-समय पर एजुकेशनल टूर आयोजित किए जा रहे हैं। इस वर्ष अभी तक करीब 700 छात्रों को राज्य से बाहर विभिन्न सद्भावना टूर पर भेजा जा चुका है। ये जानकारी लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने दी। वह श्रीनगर के बीबी कैंट में एक कार्यक्रम में पहुंचे थे।
उन्होंने बताया कि इन टूर के लिए विभिन्न एज ग्रुप के छात्र सेलेक्ट किये जाते हैं। किसानों को भी भेजा जाता है। इसके पीछे उद्देश्य है कि यहां के लोगों को बाहर जाकर एक्सपोजर मिल सके। वह वहां के एजुकेशन सिस्टम से रूबरू हो सकें। इस बार डिग्री कॉलेज के छात्र भेजे गए थे। उन्हें एमिटी यूनिवर्सिटी भी ले जाया गया जहां उन्होंने वहां के वीसी के साथ अपने विचार सांझे किए।
इस टूर से मिले फीडबैक से पता लगता है कि छात्र बाहर के एजुकेशन सिस्टम से काफी प्रभावित हुए हैं। उन्हें भी पता चला है कि इस स्तर का एजुकेशन सिस्टम हमारे देश में मौजूद है और भविष्य में उनकी भी तमन्ना होगी, ऐसी एजुकेशन हासिल करने की।
टूर से काफी फायदा मिला : छात्र
एक छात्र मुदस्सिर ने बताया कि यह एक एजुकेशनल टूर था जिससे हमें काफी फायदा हुआ। एमिटी यूनिवर्सिटी में वीसी से मुलाकात की जोकि आम तौर पर काफी मुश्किल होती है। सबसे अच्छा अनुभव वीसी सर की मोटिवेशनल स्पीच सुनना था।
बता दें कि सेना की तरफ से कुपवाड़ा के हंदवारा डिग्री कॉलेज के 15 छात्रों को 10 अक्तूबर को दिल्ली और आगरा के एजुकेशनल टूर पर भेजा गया था।