सेनाध्यक्ष नरवणे ने कहा कि कोरोना भी एक जंग की तरह है जिससे पूरा देश लड़ रहा है। इससे कोई भी परिवार नहीं बच पाया है, इसलिए सेना की यह जिम्मेदारी बनती है इस जरूरत की घड़ी में जो कुछ उनसे बन पाता है लोगों की मदद के लिए वो करें। सेना ने भी लोगों की मदद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सेना ने अस्पताल बनाए, हर कार्य में स्थानीय प्रशासन की मदद की। अपने संसाधनों का भी इस्तेमाल किया गया। जो तैयारियां हमने की है, उम्मीद करते हैं कि अगर कोई तीसरी वेव आती है तो हम उससे निपटने के लिए सक्षम हैं।
अमन और शांति से ही होगा विकास
जनरल ने कहा कि कश्मीर की अवाम भी अमन और शांति चाहती है जो अच्छी बात है। वहीं अमरनाथ यात्रा को लेकर पूछे गए सवाल में जनरल ने कहा कि सुचारू रूप से वार्षिक यात्रा को संचालित करने के लिए उनकी ओर से सभी प्रबंध किए गए हैं, लेकिन यात्रा को करवाने का निर्णय प्रशासन का है। वहीं जम्मू कश्मीर के युवाओं के लिए संदेश में जनरल नरवणे ने कहा कि विकास तब संभव है जब अमन और शांति है। इसलिए युवाओं को आतंकवाद का रास्ता त्यागना होगा और अपने भविष्य को सुधारने के लिए आगे बनाना होगा।