सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत रविवार से तीन दिवसीय यात्रा पर लद्दाख जा रहे हैं। दोकलम ट्राई जंक्शन पर चीन के साथ चल रही तनातनी के मद्देनजर वह लद्दाख सेक्टर में सीमा पर तैनाती और तैयारियों की समीक्षा करेंगे। साथ ही सेना के शीर्ष कमांडरों के साथ सैन्य ऑपरेशनल विषयों पर बातचीत होगी। इसी सेक्टर में स्थित पैंगॉग झील से गुजरने वाली वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर 15 अगस्त को चीनी सेना भीतर घुस आई थी।
उन्हें भगाने की कवायद में दोनों तरफ से पत्थरबाजी भी हुई। सेना के सूत्रों के मुताबिक, अगले तीन महीने में चीन की ओर से ऐसी घुसपैठ की कोशिश होती रहेगी। नवंबर से शुरु होने वाली ठंड के बाद ही चीन की उकसाने वाली हरकतें रुकेंगी। सूत्रों ने बताया कि भारतीय सेना की कोशिश रहेगी कि छोटी मोटी घुसपैठ की घटना गंभीर रूप नहीं ले। सेना की कोशिश रहेगी कि छोटी मोटी घुसपैठ की घटना गंभीर रूप नहीं ले।
15 अगस्त की घटना के बाद इसी सेक्टर के चुसूल में भारत और चीन के सैन्य अधिकारियों ने फ्लैग मीटिंग की थी। इसमें एलएसी पर शांति व्यवस्था बनाए रखने रखने के उपायों पर विचारों का आदान प्रदान हुआ। सूत्रों ने बताया कि लद्दाख सेक्टर में कई ऐसी जगहें हैं जहां चीनी सैनिक अक्सर घुसपैठ कर भारतीय सेना को उकसाते रहते हैं।