धन्य होते हैं वे माता-पिता भी जो बेटे की शहादत की जाम को पीकर भी फख्र करते हैं। उधमपुर के लाल शहीद कैप्टन तुषार के माता-पिता भी वैसे ही हौसले वाले इंसान हैं।
जब बेटे का पार्थिव शरीर घर पर पहुंचा तो पिता देवराज महाजन ने गर्व से सलामी ठोकी, लेकिन तुरंत बाद ही उनके पाव लड़खड़ाए। आखिर बेटा तो बेटा ही होता है।
9 पैरा कमांडो के कैप्टन तुषार महाजन की शहादत से सारा शहर गौरवान्वित है। पांपोर हमले में शहीद हुए कैप्टन के पिता देवराज ने कहा कि तुषार भाई की शादी के लिए घर तो रंगवा गया पर हमारी जिंदगी को बेरंग कर गया। फिर भी मुझे अपने बेटे की शहादत पर गर्व है।