जम्मू-कश्मीर में केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) की जम्मू और श्रीनगर पीठ में जल्द कर्मचारियों से जुड़े मामलों की सुनवाई हो सकेगी। केंद्रीय कैबिनेट ने दो न्यायिक सदस्यों व दो प्रशासनिक सदस्यों के पदों को मंजूरी दे दी है। कैट के पास जम्मू-कश्मीर के कर्मियों से जुड़े 13 हजार मामले लंबित हैं, जो हाईकोर्ट से स्थानांतरित किए गए हैं। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब पीठ को सक्रिय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
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अनुच्छेद 370 के समाप्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेशों में बांटा गया है। ऐसे में इन दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के सरकारी कर्मचारियों के सेवा मामलों संबंधी विवादों का हल कैट द्वारा किया जाना है। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ने कैट की एक बेंच जम्मू व दूसरी बेंच श्रीनगर में स्थापित की है।
इन दोनों पीठों में प्रशासनिक व न्यायिक सदस्यों के रिक्त पदों को भरने को कैबिनेट की मिली मंजूरी के बाद कर्मचारियों के सेवा मामलों का हल तेजी से होगा। वहीं कैट की दोनों पीठों में सपोर्ट स्टाफ के सृजन के प्रस्ताव को विभाग की तरह से पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है।