जम्मू और कश्मीर संभागों की बिजली वितरण कंपनियों में तैनात अस्थायी कर्मियों के नियमितीकरण का रास्ता साफ हो गया है। प्रदेश सरकार ने जम्मू और कश्मीर संभाग के लिए बनाए गए अलग-अलग निगम जेपीडीसीएल और केपीडीसीएल के 332 कर्मियों को आयु और योग्यता में छूट दे दी है। इन कर्मचारियों की सूची जारी की गई है।
कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी की तर्ज पर सभी लाभ मिलेंगे
83 कर्मचारी (जेपीडीसीएल) जम्मू संभाग से हैं जबकि 249 कर्मचारी कश्मीर संभाग (केपीडीसीएल) के हैं। नियमित होने पर इन कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी की तर्ज पर सभी लाभ मिलेंगे। सरकार की ओर से दोनों निगमों के प्रबंध निदेशकों को प्रशासनिक परिषद के हालिया फैसले का हवाला दिया गया है।
आयु और योग्यता छूट से संबंधित फाइलें लंबित थीं
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह कर्मचारी 21 वर्ष से अस्थायी कर्मी के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। इनकी आयु और योग्यता छूट से संबंधित फाइलें लंबित थीं। सरकार की ओर से आधिकारिक रूप से मंजूरी मिलने पर दोनों निगमों से कहा गया है कि वह इन कर्मचारियों का रिकॉर्ड लेकर नियमितीकरण की प्रक्रिया को अंजाम दें।
भर्ती नियम हुए थे लागू
पहले बिजली निगम में भर्ती नियमों को लागू किया गया था। इसके बाद अस्थायी कर्मचारियों का पदोन्नति का रास्ता साफ हुआ। अब नियम बनने के बाद कर्मचारियों को स्थायी किया जाएगा।
वर्ष 2020 में मिली थी तैनाती
ये कर्मचारी वर्ष 2000 में नौकरी पर रखे गए थे। 21 साल बाद अब इन्हें नियमित किया जा रहा है। पहले डिपार्टमेंटल प्रोमोशन कमेटी (डीपीसी) नहीं बनी थी। इस कारण नियमित नहीं हो रहे थे। बीते चार साल के बाद सरकार की ओर से आयु और योग्यता पर मंजूरी नहीं दी जा रही थी। इस कारण कर्मचारियों का भविष्य खराब हो रहा था।
प्रति दिन 225 रुपये मिलते थे
अस्थायी कर्मचारियों को 225 रुपये दिहाड़ी मिल रही थी। कम राशि में परिवार का पोलन पोषण करने में दिक्कत आ रही थी। अब नियमितीकरण के बाद कर्मचारी बीस हजार से ज्यादा वेतन हर माह ले सकेंगे।
प्रदेश भर में अब भी 22 हजार कर्मी अस्थायी
प्रदेशभर में 22 हजार के करीब अस्थायी कर्मचारी सेवारत हैं। अब कर्मचारी रोस्टर के हिसाब से नियमित होंगे। नियमितीकरण के आदेश के बाद कारपोरेशन ने 332 कर्मचारियों को नियमित किया है।
बिजली विभाग में 332 कर्मचारियों की फाइलें पांच वर्ष से लंबित थीं। अब जाकर कर्मचारियों को उनका हक मिला है। अब प्रदेशभर में सेवारत अस्थायी कर्मचारी नियमित हो सकेंगे। - सचिन टिक्कू, समन्वयक, जेएंडके पावर इंप्लाइज इंजीनियर्स को-ऑर्डिनेशन कमेटी