जम्मू-कश्मीर के दो दिवसीय दौरे के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री ने प्रदेश को 309 करोड की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। शुक्रवार को भगवती नगर जम्मू में रैली के दौरान उन्होंने इन परियोजनाओं का ई-शिलान्यास किया। 100 करोड़ रुपये की लागत से सांबा में सीएफएसएल (सेंटर फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) स्थापित होगी। शाह ने 157.47 करोड़ रुपये से रामबन और किश्तवाड़ में जल जीवन मिशन के तहत 41 जलापूर्ति योजनाओं, 32.46 करोड़ से डोडा में बस स्टैंड में बनने वाली बहुमंजिला पार्किंग का शिलान्यास किया।
गृह मंत्री ने कहा, मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर में पंचायती राज व्यवस्था फिर से लागू की। वर्तमान में यहां 32000 नवनिर्वाचित पंच, सरपंच, तहसील पंचायत व जिला पंचायत के सदस्य हैं जो जम्मू-कश्मीर को विकास के रास्ते पर आगे ले जा रहे हैं। जहां पिछले 70 साल में केवल चार मेडिकल कॉलेज बनाए गए, वहीं पिछले नौ साल में नौ नए मेडिकल कॉलेज और 15 नर्सिंग कॉलेज खोले गए हैं। प्रदेश में पहले मेडिकल सीटों की संख्या 500 थी, अब इसमें 600 एमबीबीएस की सीटें और जोड़ दी गई हैं। डिग्री कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या भी 96 से बढ़ाकर 147 कर दी गई है। जम्मू को आईआईटी और आईआईएम देने का काम किया गया है। हाल ही में जम्मू-कश्मीर में तिरुमला तिरुपती देवस्थानम मंदिर का भी शुभारंभ हुआ है।
शाह ने कहा कि 70 सालों तक जम्मू-कश्मीर में तीन परिवारों का राज रहा। यहां अनुच्छेद 370 के कारण विकास नहीं हो पाया। फिर भी कुछ लोग कहते हैं कि हमें अनुच्छेद 370 को संभाल कर रखना चाहिए। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद पर संपूर्ण नकेल कसने का काम भारत सरकार ने किया है। अनुच्छेद 370 हटा कर पहाड़ी समुदाय, अनुसूचित जातियों, जनजातियों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को उनके आरक्षण का अधिकार दिलाया गया है। पिछली सरकारों के समय 10 साल में 7327 आतंकी घटनाएं हुई और 2056 नागरिक मारे गए। जबकि पिछले 9 साल में करीब 70 प्रतिशत की कमी के साथ 2350 आतंकी घटनाएं हुईं और 377 नागरिक की जान गई। अनुच्छेद 370 हटने के बाद पिछले 47 महीनों में हड़ताल और बंद के सिर्फ 32 कॉल आए तो वहीं पत्थरबाजी की घटनाओं में भी 90 प्रतिशत की कमी आई है।
जम्मू। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पिछले 9 साल में भारत को दुनिया की 11वीं अर्थव्यवस्था से 5वीं अर्थव्यवस्था बनाने का काम किया है। भारत सरकार ने आर्थिक विकास के लिए औद्योगिक नीति, औद्योगिक भूमि आवंटन नीति, निजी औद्योगिक संपदा विकास नीति, ऊन प्रसंस्करण, हस्तशिल्प और हथकरघा नीति, 2021 में फिल्म के लिए नई नीति, टूरिज्म के लिए होम स्टे और हाउस बोट की नीति आदि बनाई जिसके परिणाम स्वरूप जम्मू-कश्मीर में निवेश बढ़ रहा है। साल 2022 में रिकॉर्ड 1 करोड़ 88 लाख पर्यटक जम्मू-कश्मीर में आए। वर्ष 1947 से 2014 तक यहां नौकरियों में भारी कमी थी। लेकिन भारत सरकार ने पारदर्शिता के साथ युवाओं को 28000 सरकारी नौकरियां दीं, 51000 स्वरोजगार की इकाइयां स्थापित कीं, मिशन यूथ के तहत 70000 युवाओं को आजीविका देने और 28400 करोड़ का औद्योगिक पैकेज देने का काम किया।
जम्मू दौरे पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को सबसे पहले एयरपोर्ट से सीधे त्रिकुटा नगर स्थित प्रदेश भाजपा मुख्यालय पहुंचकर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी के बलिदान, हौसले और संकल्प के कारण ही जम्मू-कश्मीर भारत के साथ जुड़ा हुआ है और अनुच्छेद 370 निरस्त हुई है। डॉ मुखर्जी और डॉॅ. पंडित प्रेम नाथ डोगरा ने जम्मू-कश्मीर को भारत माता का मुकुट मणि बनाने के लिए जो योगदान दिया है।