लश्कर कमांडर दुजाना की मौत के पहले हुए कई ऑपरेशंस में उसके भाग जाने के दौरान ही मिले आईफोन से उसकी साजिशों के तमाम राज खंगाले गए। आईफोन के मिले नंबरों और लोकेशन के जरिए उन तमाम ठिकानों और लोगों का पता लगाया गया जिनके जरिए दुजाना को तमाम मदद मिलती थी।
आईफोन के इस राज को खंगालने की राह में भारतीय सेना और इंडियन इंटेलिजेंस एजेंसियों की मदद के लिए अमेरिकन एजेंसियों ने भी साथ दिया। दरअसल दुजाना के पास मिले आईफोन 7 की हैकिंग के लिए पहले भारतीय खुफिया एजेसियों की मदद ली गई।
इसके बीच जब फोन की हैकिंग के बाद कुछ डाटा एक्सेस करना मुश्किल हुआ तो एजेंसियों ने इसे अमेरिका भेजा। इस बीच भारतीय एजेंसियों के तमाम साइबर एक्सपर्ट भी दुजाना की कॉल डिटेल्स और उसके फोन के डाटा से बरामद कड़ियों को जोड़ रहे थे। इस के बाद अमेरिकन सॉफ्टवेयर एक्सपर्ट्स और फारेंसिक अधिकारियों की मदद से दुजाना के आईफोन की फुल एक्सेस मिल गई और साजिश तक पहुंचने के वो तमाम रास्ते खुल गए जिनकी मंजिल दुजाना के अंत तक पहुंची।