उधमपुर के खैरी क्षेत्र में हाईवे बंद होने से रविवार को दूसरे दिन भी जम्मू आधार शिविर भगवती नगर से अमरनाथ श्रद्धालुओं का जत्था नहीं भेजा गया। हालांकि, पारंपरिक पहलगाम और बालटाल रूट से 1548 शिव भक्तों ने बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा के दर्शन किए।
इसके साथ ही दर्शन करने वालों अब तक का आंकड़ा 339954 तक पहुंच गया है। शनिवार देर रात से रविवार दोपहर तक हाईवे के बारह घंटे बंद रहने से मचैल माता की यात्रा के लिए गए यात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ी।
जम्मू आधार शिविर से सुबह दस बजे अमरनाथ यात्रियों के जत्थे को रवाना किया गया, लेकिन खैरी में हाईवे साफ न होने से थोड़ी दूर जाकर जत्थे को वापस आधार शिविर लाया गया। लगातार दूसरे दिन भी जत्थे के रवाना न होने से यात्रियों में मायूसी है।
राजस्थान से आए शिव भक्त बबलू दत्त ने कहा कि यात्रा के दौरान ऐसी परिस्थितियों में उचित वैकल्पिक व्यवस्थाएं होनी चाहिए, जिससे यात्रियों को परेशानी न हो। दो दिन से जत्था न जाने के कारण खुद का सारा शेड्यूल बदलना पड़ रहा है।
एक अन्य श्रद्धालु रामेश्वर दत्त ने कहा कि वह पिछले कई सालों से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आ रहे हैं। हर साल बरसात के दौरान हाईवे पर मार पड़ती रही है। लेकिन वैकल्पिक इंतजाम पर कुछ खास नहीं हो पाया है।
हालांकि, दोपहर बाद हाईवे खुलने से निजी वाहनों में श्रद्धालु बाबा के दरबार के लिए रवाना हुए। पवित्र शिवलिंग के लुप्त होने के बाद यात्रियों की संख्या में लगातार गिरावट आई है।
साधु संतों को भी एक दिन छोड़कर अगले दिन जत्थे में शामिल किया जा रहा है। यात्रा कम होने से लंगर कमेटियों ने भी लगभग लंगर समेट लिए हैं। 29 अगस्त रक्षाबंधन तक अमरनाथ यात्रा जारी रहेगी।