प्रत्येक यात्रा कैंप पर जेसीआर स्थापित
यात्रा ट्रैक पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, एमआरटीएस की रेस्क्यू टीमें तैनात
पंजीकृत यात्री का तीन लाख का बीमा
अमरनाथ यात्रा में आपात स्थिति से निपटने और यात्रियों की सुविधा के लिए प्रत्येक यात्रा कैंप पर संयुक्त कंट्रोल रूम (जेसीआरएस) स्थापित किए गए हैं। बालटाल और पहलगाम पर शिनाख्त किए गए बिंदुओं पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, माउंटेन रेस्क्यू टीम (एमआरटी राज्य पुलिस) के साथ विभिन्न सुरक्षाबलों की रेस्क्यू टीमें तैनात की गई हैं।
तय स्थानों पर अत्याधुनिक अग्निरोधक यंत्र स्थापित किए गए हैं। दोनों यात्रा ट्रैक पर एक्सरे स्कैनिंग यूनिट स्थापित करने के साथ नीलग्राथ, पंजतरणी और पहलगाम हैलीपेड पर असेस कंट्रोल प्रबंध किए गए हैं। बालटाल, नुनवान बेस कैंप, दोमेल, चंदनबाड़ी असेस कंट्रोल गेट पर बेहतर प्रबंधन बनाया गया है।
सुरक्षा की दृष्टि से पंजीकृत यात्रियों को तय समय अवधि के तहत राज्य में दाखिल होकर तय निर्देशों का पालन करना होगा। श्राइन बोर्ड की ओर से यात्रियों को सेवा देने वालों को तीन लाख और पौनी वालों को हादसे में मौत पर 30000 रुपये का बीमा दिया जाएगा।
यात्री वाहनों की आवाजाही का शेड्यूल तय
अमरनाथ यात्रा में यात्री वाहनों की सुचारु आवाजाही के लिए शेड्यूल तय किया गया है। यात्रा के दौरान जम्मू से श्रीनगर, श्रीनगर से बालटाल और अनंतनाग से पहलगाम रूट को बहाल रखने के निर्देश दिए गए हैं। यात्रा के दौरान प्रत्येक दिन अप कानवाई में जम्मू से पहलगाम/बालटाल व डाउन कानवाई में बालटाल और पहलगाम से जम्मू के लिए बनाए गए शेड्यूल में जम्मू जाने वाली कानवाई/वाहनों को शाम तीन बजे मीर बाजार को पार करना होगा। इसी तरह जम्मू से पहलगाम/बालटाल कानवाई/वाहनों को शाम छह बजे मीर बाजार को पार करना होगा।
हैलीकाप्टर यात्रियों को एडवांस पंजीकरण की जरूरत नहीं
दक्षिणी कश्मीर में हिमालय की पहाड़ियों में स्थित बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए हैलीकाप्टर से टिकट लेने वाले यात्रियों को एडवांस पंजीकरण नहीं कराना होगा। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की ओर से नीलग्रथ-पंजतरणी-नीलग्रथ रूट के लिए 1600 रुपये (सभी टैक्स रहित) और पहलगाम-पंजतरणी-पहलगाम सेक्टर के लिए 2751 रुपये किराया निर्धारित किया गया है। श्राइन बोर्ड से मान्यता प्राप्त हैली आपरेटरों से बोर्ड की वेबसाइट पर आनलाइन टिकट उपलब्ध करवाई जा रही है।
आपरेटरों की ओर से मान्यता प्राप्त एजेंटों, टूर एंड ट्रेवल एसोसिएशन से भी टिकट उपलब्ध करवाई गई हैं। हैलीकाप्टर टिकट को यात्री पंजीकरण के तौर पर लिया जाएगा, लेकिन इसके लिए उसे मान्यता प्राप्त डाक्टरों द्वारा कंपलसरी हेल्थ सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य होगा। यात्रियों की सुरक्षा को पुख्ता बनाने के लिए डीजीसीए के नियमों को सख्ती से पालन किया जाएगा।
लंगरों में शिवभक्तों को मिलेगा प्रसाद
अमरनाथ यात्रा के लिए इस बार देशभर में 116 लंगरों को मंजूरी दी गई है। पारंपरिक पहलगाम और बालटाल ट्रैक के अलावा राज्य के विभिन्न हिस्सों में लंगर लगाए गए हैं।
मौसम की पूर्व जानकारी से बेहतर होगी तैयारी
मौसम की पूर्व जानकारी मिलने से अमरनाथ यात्रा के लिए शिव भक्त बेहतर ढंग से तैयारी कर सकेंगे। मौसम विभाग श्रीनगर की ओर से यात्रा ट्रैक पर विभिन्न जगहों पर ट्रैक पर आटोमेटिक वेदर स्टेशन स्थापित किए गए हैं। बालटाल, शेषनाग, चंदनबाड़ी, पहलगाम और पवित्र गुफा के पास लगाए गए इन अत्याधुनिक सिस्टम से हर एक घंटे पूर्व मौसम की जानकारी मुहैया होगी। इन जानकारियों को कैंप निदेशकों के साथ यात्रियों तक पहुंचाया जाएगा।
इन उपकरणों की खासियत यह है कि यह किसी भी मौसम में चलने में सक्षम हैं और यह खुद ही चार्ज होते हैं। कंट्रोल रूट से सारी जानकारी एसएमएस व अन्य दूसरे माध्यमों से कैंप निदेशकों के पास भेजी जाएगी। यह व्यवस्था आधार शिविर भगवती नगर जम्मू सहित अन्य स्थानों पर भी रहेगी। जिससे यात्री मौसम के हिसाब से ही सारी तैयारी करके आगे बढ़ेंगे। हर रोज यात्रा एडवाइजरी के मुताबिक ही यात्रा को आगे भेजा जाएगा। मौसम के अधिक खराब रहने की सूरत में चेतावनी जारी करके यात्रा को आगे नहीं भेजा जाएगा।
पहलगाम और बालटाल रूट पर विशेष मौसम एडवाइजरी बुलेटिन और सेटेलाइट चित्र यात्रा वेबसाइट पर हर आधे घंटे बाद अपडेट होते रहेंगे। इसके लिए भारतीय मौसम विभाग को यात्रा के दौरान विशेष पेज के तहत यात्रा वेबसाइट से जोड़ा जाएगा।
तत्काल पंजीकरण से यात्रियों को मिलेगी राहत
आन स्पॉट पंजीकरण सुविधा से शिव भक्तों को राहत मिलेगी। इसके लिए जम्मू में पांच स्थानों पर यात्रियों और साधु संतों को आन स्पॉट पंजीकरण केंद्र (यात्रियों की संख्या के मुताबिक) स्थापित किए जाएंगे। देश विदेश से आने वाले यात्री जम्मू के वैष्णवी धाम, सरस्वती धाम, जम्मू हाट, गीता भवन/राम मंदिर, पुरानी मंडी में चालू पंजीकरण करवाकर यात्रा के लिए रवाना हो सकेंगे। इसमें साधुओं का पंजीकरण भी शामिल होगा। यात्रा शुरू होने के साथ यह सुविधा शुरू होगी।
जम्मू में यात्रियों के लिए आधार शिविर भगवती नगर मुख्य पड़ाव होगा। यहां 13 बड़े हाल में एक समय 1300 यात्रियों को ठहराया जाता है। यात्रियों की संख्या बढ़ने पर हाल के बाहर शेड के नीचे 500 और आसपास बैंचों व आधार शिविर के फुटपाथ पर दो से तीन सौ यात्रियों को एडजेस्ट किया जाता है। आधार शिविर के पहले और टाप फ्लोर के तीन हाल को वातानुकूलित किया गया है। आधार शिविर में यात्रियों को एसी की सुविधा दी गई है।
शहर के प्रमुख श्रीराम मंदिर पुरानी मंडी जम्मू में एक समय में 5000 साधु संतों को ठहराने की व्यवस्था होगी। यहां देशभर से हजारों साधु पहुंचते हैं। मंदिर परिसर में दो छोटे और दो बड़े हाल के अलावा 40 कमरे और इतने ही शौचालयों का निर्माण है। यात्रा के दौरान मंदिर में विशेष आधुनिक मशीन से एक घंटे में 2000 चपातियां बनाने की व्यवस्था रहती है। साधुओं के लिए तीनों समय लंगर के साथ चिकित्सा और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं रहती हैं।