तय शेड्यूल के मुताबिक 20 जुलाई को छड़ी मुबारक को ऐतिहासिक शंकराचार्य मंदिर से निकाला जाना है, जो 21 को शारिका भवानी मंदिर में अनुष्ठान करेगी। 23 जुलाई को श्री अमरेश्वर मंदिर श्रीनगर में छड़ी स्थापना के बाद 25 जुलाई को नागपंचमी पर दशनामी अखाड़ा, श्रीनगर में छड़ी पूजन किया जाना है।
इसके बाद 3 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा पर छड़ी मुबारक को पवित्र हिमलिंग के दर्शन करने हैं। दर्शन से पहले छड़ी मुबारक को श्रीनगर के सभी ऐतिहासिक मंदिरों का भ्रमण करना है, लेकिन मौजूदा कोरोना संकट के चलते ऐसा संभव नहीं है।