कोरोना संकट के बीच अमरनाथ यात्रा 2020 का स्वरूप बदल सकता है। मौजूदा परिस्थितियों के हिसाब से बोर्ड ने कई प्लान तैयार किए हैं, जिन पर चर्चा हो रही है। भविष्य के हालात को ध्यान में रखते हुए इन प्रस्तावों पर काम किया जा सकता है।
इसमें यात्रा को देरी से शुरू करके उसकी अवधि को कम करना, यात्रियों की सीमित संख्या, हेलीकाप्टर से ही यात्रा करवाना, यात्रा आयु सीमा में बदलाव करना आदि शामिल हैं। आगामी 23 जून को अमरनाथ यात्रा को शुरू करना प्रस्तावित है, लेकिन अभी तक यात्री पंजीकरण ही शुरू नहीं हो पाया है।
बोर्ड अधिकारियों के अनुसार लोगों की आस्था और मौजूदा कोरोना संकट को ध्यान में रखते हुए चार-पांच प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है। अमरनाथ यात्रा का पारंपरिक रूट बालटाल और पहलगाम रहता है और यह दोनों ही कश्मीर में स्थापित हैं।
कश्मीर में मौजूदा कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। जिससे यात्रा को निर्धारित समय पर शुरू कर पाना मुश्किल दिख रहा है। इसे देखते हुए यात्रा को देरी से शुरू करके इसे सीमित किया जा सकता है। देशव्यापी लॉकडाउन के चलते अभी तक तीन बार यात्री पंजीकरण की तिथि स्थगित हो चुकी है। जिसके कारण यात्रा को लेकर अभी संशय बना हुआ है।
सिर्फ युवाओं को मिल सकती है यात्रा की अनुमति
कोरोना संक्रमण से बच्चों और बुजुर्गों को अधिक खतरा बताया गया है, जिससे यात्रा की आयु सीमा में बदलाव करके सिर्फ युवाओं को ही यात्रा की अनुमति दी जा सकती है। बोर्ड अधिकारियों के अनुसार सभी योजनाओं पर विचार किया जा रहा है और भविष्य में परिस्थितियों के हिसाब से यात्रा पर काम किया जाएगा। हालांकि श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड यात्रा को रद्द करने का भी संकेत दे चुका है, लेकिन बोर्ड ने अपनी एक बैठक में इस फैसले को वापस ले लिया था।