पहलगाम के चंदनवाड़ी आधार शिविर से बाबा बर्फानी के दर्शन को जाते श्रद्धालु
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बालटाल मार्ग से पहले जत्थे में 5384 पुरुष, 1293 महिलाएं, 48 बच्चे और 98 साधु शामिल थे। अमरनाथ यात्रा पर पहुंचे भक्तों के अनुसार वे इस पल के इंतजार में थे और बाबा से यही प्रार्थना कर रहे थे कि बाबा उन्हें इस वर्ष जरूर दर्शन के लिए बुलाएंगे। हरियाणा से आए शाम सूद ने कहा कि उनके मन में पिछले कुछ वर्षों से काफी निराशा थी। वह दो साल से लगातार अपने दोस्तों के साथ बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आना चाहते थे, लेकिन कोरोना के कारण यात्रा न होने से इच्छा अधूरी रही। इस साल आखिर बाबा का बुलावा आ ही गया।
अनंतनाग जिल के चंदनवाड़ी आधार शिविर से जाते श्रद्धालु
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दिल्ली से आई मीनाक्षी सहगल ने कहा कि उन्हें काफी खुशी है कि वह पहले जत्थे का हिस्सा बनी हैं और उन्हें बाबा बर्फानी के साक्षात दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। भक्त प्रशासन द्वारा किए गए प्रबंधों से काफी खुश नजर आए। भक्तों के अनुसार यह व्यवस्था देख उन्हें जरा भी डर महसूस नहीं हो रहा। दिल्ली से आए दीपक सचदेव ने कहा कि कश्मीर में लक्षित हत्याओं के दौर के बाद से मन में यहां आने से पहले कई सवाल उठ रहे थे, लेकिन जिस तरह से प्रबंधों के बारे में सुना उससे प्रभावित होकर वह अपने परिवार के साथ दर्शन के लिए आए हैं।
बालटाल कैंप में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
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