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Amarnath Yatra 2022: भोले के जयकारों से गूंज रही घाटी... जोश के आगे कठिन चढ़ाई भी आसान, बालटाल से ग्राउंड रिपोर्ट

Fri, 01 Jul 2022 02:56 AM IST
विमल शर्मा अमृतपाल सिंह बाली, बालटाल (सोनमर्ग)

सार

अमरनाथ यात्रा के पहला जत्था बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुका है। बालटाल मार्ग से पहले दिन 6823 श्रद्धालु रवाना हुए। भक्तों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा था। जोश इतना कि पूरी घाटी भोलेनाथ के जयकारों से गूंज रही थी। 
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बालटाल मार्ग से बाबा बर्फानी के दर्शनों को जाता दल - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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पवित्र अमरनाथ गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन करने बालटाल मार्ग से पहला जत्थे के साथ 6823 श्रद्धालु वीरवार सुबह पांच बजे रवाना हुए। भक्तों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा था। जोश इतना कि पूरी घाटी भोलेनाथ के जयकारों से गूंज उठी।  राजस्व विभाग के कमिश्नर सेक्रेटरी विजय कुमार बिधूड़ी ने वीरवार तड़के तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को दोमेल-बालटाल से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। डीसी गांदरबल श्यामबीर, एसएसपी निखिल बोरकर, एडीसी फारूक अहमद बाबा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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पहलगाम के चंदनवाड़ी आधार शिविर से बाबा बर्फानी के दर्शन को जाते श्रद्धालु - फोटो : पीटीआई
बालटाल मार्ग से पहले जत्थे में 5384 पुरुष, 1293 महिलाएं, 48 बच्चे और 98 साधु शामिल थे। अमरनाथ यात्रा पर पहुंचे भक्तों के अनुसार वे इस पल के इंतजार में थे और बाबा से यही प्रार्थना कर रहे थे कि बाबा उन्हें इस वर्ष जरूर दर्शन के लिए बुलाएंगे। हरियाणा से आए शाम सूद ने कहा कि उनके मन में पिछले कुछ वर्षों से काफी निराशा थी। वह दो साल से लगातार अपने दोस्तों के साथ बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आना चाहते थे, लेकिन कोरोना के कारण यात्रा न होने से इच्छा अधूरी रही। इस साल आखिर बाबा का बुलावा आ ही गया।

अनंतनाग जिल के चंदनवाड़ी आधार शिविर से जाते श्रद्धालु - फोटो : पीटीआई
दिल्ली से आई मीनाक्षी सहगल ने कहा कि उन्हें काफी खुशी है कि वह पहले जत्थे का हिस्सा बनी हैं और उन्हें बाबा बर्फानी के साक्षात दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। भक्त प्रशासन द्वारा किए गए प्रबंधों से काफी खुश नजर आए। भक्तों के अनुसार यह व्यवस्था देख उन्हें जरा भी डर महसूस नहीं हो रहा। दिल्ली से आए दीपक सचदेव ने कहा कि कश्मीर में लक्षित हत्याओं के दौर के बाद से मन में यहां आने से पहले कई सवाल उठ रहे थे, लेकिन जिस तरह से प्रबंधों के बारे में सुना उससे प्रभावित होकर वह अपने परिवार के साथ दर्शन के लिए आए हैं।
 
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बालटाल कैंप में सुरक्षा के कड़े इंतजाम - फोटो : बासित जरगर

सुरक्षा के कड़े प्रबंध

  • यात्रा के रूट पर स्थित खाली इमारतों में सीएपीएफ की अतिरिक्त कंपनियां के जवान तैनात हैं। 
  • आधुनिक उपकरणों से नजर रखी जा रही है हाई डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। 
  • लगातार ड्रोन से निगरानी की जा रही है।
  • 15 अतिरिक्त कंपनियों के साथ 40000 सुरक्षा कर्मी यात्रा में तैनात किए गए हैं।
  • स्टिकी बम की चुनौती से निपटने के लिए इजराइल मेड आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
  • 3-टियर सुरक्षा दायरा बनाया गया है। 
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