श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे। ज्यादा संख्या में जवानों की तैनाती होगी। ड्यूटी में तैनात जवानों और अधिकारियों के लिए भोजन, आवास और अन्य सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। पुलिस हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से भी सुविधा दी जाएगी।
यह बात पुलिस महानिदेशक जम्मू-कश्मीर दिलबाग सिंह ने पुलिस हेडक्वार्टर में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ हुई बैठक में कही। उन्होंने पुलिस हेडक्वार्टर और जम्मू-कश्मीर पुलिस के अन्य विंग के कामकाज की समीक्षा की। बैठक के दौरान अमरनाथ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की गई।
डीजीपी ने विंग प्रमुखों और पीएचक्यू अधिकारियों से उनके कामकाज और विभिन्न प्रस्तावों पर स्थिति रिपोर्ट मांगी है। डीजीपी ने जवानों और अधिकारियों के लिए आवास और अन्य सुविधाओं में सुधार संबंधी कार्यों को जल्द पूरा करने को कहा।
उन्होंने अधिकारियों और जवानों की पदोन्नति संबंधी मसलों को निपटाने को भी कहा। अपराध से अधिक प्रभावी तरीके से लड़ने के लिए रणनीति और योजना बनाने पर जोर दिया गया। उन्होंने लंबित मामलों की जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए।
अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा का मूल्यांकन किया
श्रीनगर। चिनार कोर के तहत किलो फोर्स मुख्यालय में बुधवार को अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा और प्रशासनिक मुद्दों का मूल्यांकन किया गया। सेना के एक अधिकारी ने बताया कि समन्वय सम्मेलन की अध्यक्षता किलो फोर्स के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल एसएस सलारिया ने की।
इसमें तीर्थयात्रियों के लिए पूर्ण सुरक्षा और प्रशासनिक आवश्यकताओं को सुनिश्चित करने में भारतीय सेना, अर्धसैनिक बलों और नागरिक प्रशासन के सुसंगत प्रयासों के पहलुओं को सामने लाया गया।सम्मेलन में दलजीत सिंह चौधरी (एडीजी सीआरपीएफ जम्मू-कश्मीर जोन), मनविंदर सिंह भाटिया (आईजी सीआरपीएफ ऑप्स), चारू सिन्हा (आईजी सीआरपीएफ, श्रीनगर सेक्टर) मौजूद रहे।
इसके अलावा आंचल शर्मा (डीआईजी आईटीबीपी), देव दर्शन बेलवाल (ओसी एनडीआरएफ), डॉ. मुश्ताक (निदेशक स्वास्थ्य, कश्मीर), सुदेश सामंत (सहायक निदेशक आईबी), मुश्ताक अहमद (डिप्टी एसपी एसडीआरएफ), एसएस चंदेल (डीआईजी बीएसएफ, श्रीनगर), रंजीत सिंह (डीआईजी, एसएसबी), डीआईजी जेकेपी श्रीनगर और उत्तरी कश्मीर के साथ साथ अन्य संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया।