कोविड की तीसरी लहर के धीमा पड़ने के साथ श्री अमरनाथ यात्रा 2022 की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इस बार भोले के भक्तों को श्रीनगर से हेलिकॉप्टर सेवा देने की तैयारी की जा रही है। श्रीनगर से नीलग्राथ और पहलगाम के लिए सीधी हेलिकॉप्टर सेवा शुरू की जाएगी। इसके साथ पहले के रूट में नीलग्राथ और पहलगाम से भी हेलिकॉप्टर सेवा जारी रहेगी।
इसके लिए श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने उपरोक्त रूटों पर वर्ष 2022 और 2023 के लिए पंजीकृत विमानन कंपनियों से निविदाएं मांगी हैं। हेलिकॉप्टर के नए रूट में श्रीनगर-नीलग्राथ-श्रीनगर और श्रीनगर-पहलगाम-श्रीनगर सेक्टर शामिल होंगे। बोर्ड की ओर से 15 मार्च तक निविदाएं मांगी गई हैं।
पंजीकृत विमानन कंपनियों के पास न्यूनतम तीन लाइट हेलिकॉप्टर होने चाहिए। कंपनियों को श्रीनगर रूट के लिए 30 लाख रुपये सिक्योरिटी जमा करनी होगी। इसमें कंपनी को न्यूनतम पांच साल की उड़ानों का अनुभव होना चाहिए और उसके पायलटों को न्यूनतम पर्वतीय उड़ानों में 1500 घंटों का अनुभव होना जरूरी है।
जिला स्तर पर यात्रा की तैयारियां तेज की गई हैं। इस बार रिकार्ड यात्रियों के आने की संभावना को देखते हुए पड़ाव स्थलों के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यात्रा की तिथि और नियमों को लेकर जल्द श्राइन बोर्ड की बैठक होने वाली है। सामान्य तौर पर जून के अंत या जुलाई के पहले सप्ताह में अमरनाथ यात्रा की शुरुआत होती रही है। जम्मू के मजीन, रामबन के चंद्रकोट और श्रीनगर में नए पड़ाव स्थलों का निर्माण भी किया जा रहा है।
पुलिस के कश्मीर रेंज के आईजीपी विजय कुमार ने आईजी सीआरपीएफ चारु सिन्हा के साथ दक्षिण कश्मीर का दौरा किया। इस दौरान नवयुग सुरंग सहित आगामी श्री अमरनाथ जी यात्रा व्यवस्था और अन्य सुरक्षा उपायों की समीक्षा की। उनके साथ डीआईजी एसकेआर अनंतनाग, डीआईजी सीआरपीएफ, एसएसपी अनंतनाग और एसएसपी कुलगाम भी थे। विशेष रूप से नवयुग सुरंग में श्री अमरनाथ जी यात्रा की व्यवस्था और अन्य सुरक्षा उपायों की समीक्षा के लिए संयुक्त बैठक की गई।
बैठक में नवयुग टनल और सेना के अधिकारी भी शामिल हुए। आईजीपी कश्मीर को अधिकारियों द्वारा आगामी श्री अमरनाथ जी यात्रा के लिए प्रस्तावित सुरक्षा उपायों, व्यवस्थाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने आदि पर सुझाव को साझा किया।
आईजीपी कश्मीर ने यात्रा के सुचारू और सफल संचालन के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया। अधिकारियों को विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों से समन्वय और तालमेल बनाकर विस्तृत सुरक्षा योजना तैयार करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को सीसीटीवी, ड्रोन सहित आधुनिक सुरक्षा उपकरणों का पर्याप्त उपयोग करने का भी निर्देश दिया।