जम्मू स्थित भगवती नगर यात्री निवास से रविवार सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में 225 वाहनों में 5284 अमरनाथ यात्रियों का 18वां जत्था पहलगाम और बालटाल के लिए रवाना हुआ। सुबह चार बजकर बीस मिनट पर पहलगाम मार्ग के लिए रवाना हुए 3541 यात्रियों में से 2735 पुरुष, 681 महिलाएं, 21 बच्चे, 65 साधु और 39 साध्वी शामिल थीं।
बालटाल मार्ग के लिए सुबह तीन बजकर बीस मिनट पर रवाना हुए 1743 श्रद्धालुओं में से 1197 पुरुष, 489 महिलाएं, 23 बच्चे, 27 साधु, सात साध्वी शामिल रहीं। जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से यात्रा शुरू होने से अब तक एक लाख से ज्यादा शिवभक्त अमरनाथ यात्रा पर आगे के पड़ावों के लिए रवाना हो चुके हैं।
वहीं आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार 1.70 लाख के करीब श्रद्धालु अभी तक श्री अमरनाथ की पवित्र गुफा में हिमलिंग के दर्शन कर चुके हैं। 29 जून से शुरू हुई श्री अमरनाथ यात्रा 11 अगस्त को संपन्न होगी। केंद्रीय महाजन सभा में रविवार को भी पंजीकरण के लिए कतारें लगी रहीं।
कड़ी सुरक्षा के बीच यात्रियों को प्रवेश दिया गया। यात्री सुनील कुमार सिंह, सोनिका यादव, अजय, रितिका ने कहा कि बाबा के दर्शन करने के लिए वह काफी उत्सुक हैं। पहली बार जम्मू-कश्मीर आए हैं। यहां कि आबो हवा, संस्कृति आदि देखकर वापस जाने का मन नहीं कर रहा।
उन्होंने कहा कि बाबा बर्फानी के दर्शन करने के बाद माता वैष्णो देवी के दरबार में शीश नवाएंगे। उसके बाद वापस मुड़कर जम्मू के स्थानीय तीर्थ स्थलों के भी दर्शन करेंगे। वहीं रजनी, शांति और आशा रानी सहित अन्य यात्रियों ने कहा कि शनिवार को जम्मू पहुंचे तो मन खुश हो गया।
प्रशासन ने यात्रियों के लिए अच्छी व्यवस्था कर रखी है। भोले बाबा की कृपा से उन्हें किसी चीज की कमी महसूस नहीं हुई। उन्होंने कहा कि पंजीकरण में तेजी लाई जानी चाहिए। शालामार सड़क मार्ग पर पेड़ के छांव में बैठे साधुओं ने कहा कि कोरोना के दो साल बाद यात्रा शुरू हुई है।
दो साल कहीं बाहर जाने का मौका नहीं मिला। इस वजह से काफी परेशानी हुई। बाबा बालक नाथ ने कहा कि वह केदार नाथ से आए हैं। छठी बार बाबा बर्फानी की यात्रा कर रहे हैं। प्रदेश में पहले के बजाय कई प्रकार के बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
पहले यात्रियों को कई दिक्कतें आती थीं, लेकिन इस बार प्रशासन ने अच्छी व्यवस्था की है। बाबा रमेश उपाध्याय और नागा बाबा ने पवित्र गुफा के पास हुए हादसे पर दुख जताया।