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अमर उजाला अभियान स्वास्थ्य: एहितायती खुराक से और मजबूत होगा कोरोना का सुरक्षा कवच

Fri, 08 Jul 2022 02:26 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

पिछले कुछ समय से कोविड संक्रमण ने दोबारा दस्तक दी है। टीके की खुराक लेने के बाद हालात नियंत्रण में हैं। मगर अभी भी बड़ी संख्या में लोगों ने एहतियाती खुराक (बूस्टर डोज) नहीं ली है। स्वस्थ समाज और स्वस्थ देश के लिए सौ फीसदी टीकाकरण के लक्ष्य को पाना जरूरी है।
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corona vaccine - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कोविड महामारी के खिलाफ लड़ाई में टीकाकरण ने अहम भूमिका निभाई है। जम्मू कश्मीर में दो करोड़ से अधिक लोगों को कोविड टीके की खुराक दी जा चुकी है, लेकिन पिछले कुछ समय से कोविड संक्रमण ने दोबारा दस्तक दी है। हालांकि टीके की खुराक लेने के बाद हालात नियंत्रण में हैं। मगर अभी भी बड़ी संख्या में लोगों ने एहतियाती खुराक (बूस्टर डोज) नहीं ली है। ऐसे में संक्रमण का खतरा बना रहेगा। स्वस्थ समाज और स्वस्थ देश के लिए सौ फीसदी टीकाकरण के लक्ष्य को पाना जरूरी है। 

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नगर निगम जम्मू के मेयर चंद्रमोहन गुप्ता का कहना है कि उन्होंने कोविड की एहतियाती खुराक लेकर खुद को कोविड से लगभग सुरक्षित कर लिया है। खासतौर पर बुजुर्गों को यह खुराक जरूर लेनी चाहिए। सरकार ने एहतियाती खुराक के लिए कई प्रावधान दिए हैं। चूंकि जम्मू-कश्मीर में कोविड के नए मामले दोबारा सामने आ रहे हैं, ऐसे में हमें और सतर्क होने की जरूरत है। कोविड अभी पूरी तरह से गया नहीं है।

जेएंडके वैष्णो साधु समाज के अध्यक्ष महंत रामेश्वर दास कहते हैं कि हमने आध्यात्मिक स्तर पर लोगों को कोविड से जागरूक करने का काम किया है। अब सभी की जिम्मेदारी बनती है कि टीकाकरण अभियान को पूरी तरह से सफल बनाएं। एहतियाती टीके की खुराक लेकर ही हम अपने भविष्य को सुरक्षित बना सकते हैं। इसमें सभी वर्ग के लोगों को आगे आकर एहतियाती खुराक लेनी चाहिए। 
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राष्ट्रीय वुशू टीम के कोच व द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित कुलदीप हांडू कहते हैं कि सभी खिलाड़ियों को कोविड टीके की एहतियाती खुराक लेनी चाहिए। टीकाकरण से ही देश में कोविड पर नियंत्रण पाया गया है। टीकाकरण से ही संक्रमण से बचाव किया जा सकता है। मेरी सभी से अपील है कि वे आगे आकर एहतियाती खुराक लें। 

जम्मू-कश्मीर कला संस्कृति एवं भाषा अकादमी के अतिरिक्त सचिव डॉ. अरविंदर अमन कहते हैं कि अन्य वर्ग की तरह कलाकारों के लिए भी एहतियाती टीके की खुराक लेना जरूरी है, क्योंकि उनका दूसरे क्षेत्रों में अधिक आवागमन होता है। हमने सुनिश्चित किया है कि प्रस्तुतियों में वही लोग शामिल किए जाएं, जिन्होंने कोविड टीके की पूरी खुराक ली हैं। सरकार ने दो टीके की खुराक तो दे दी, लेकिन अब बचे हुए लोगों को एहतियाती खुराक लेनी चाहिए। 

गैर सरकारी संगठन तवी वेलफेयर सोसायटी के आयोजक सुरेंद्र गुप्ता का कहना है कि एक सामाजिक जिम्मेदारी के तहत हमने कोविड के दौरान लोगों को मास्क पहनने, सामाजिक दूरी और कोविड उपयुक्त व्यवहार के लिए जागरूक किया। अब टीकाकरण की एहतियाती खुराक को लेकर और सचेत होने की जरूरत है। दो खुराक लेने के बाद तीसरी खुराक से हम अधिक सुरक्षित हो सकते हैं और इसे लेने से बेहतर परिणाम देखने को मिले हैं।

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