अनुच्छेद-370 हटाए जाने के 22 महीने बाद केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के नेताओं के साथ बैठक की है। इस बैठक से पूर्व महबूबा मुफ्ती द्वारा दिए गए बयान को लेकर उनकी आलोचना भी हो रही है। जम्मू संभाग में कई स्थानों पर पीडीपी मुखिया के खिलाफ प्रदर्शन हुआ है। पढ़िए प्रदेश की प्रमुख खबरें...
दिल्ली में सर्वदलीय बैठक से पहले महबूबा मुफ्ती के खिलाफ जम्मू में डोगरा फ्रंट ने प्रदर्शन किया। लोगों ने पीडीपी मुखिया के खिलाफ नारेबाजी की। अपनी मांगों को लेकर कश्मीरी पंडितों ने भी प्रदर्शन किया। सरकार से उनका सवाल है कि उनकी मांगें कब पूरी होंगी। इस दौरान उन्होंने सरकार पर अनदेखी का आरोप भी लगाया है। यूथ ऑल इंडिया कश्मीरी समाज ने सर्वदलीय बैठक में कश्मीरी समुदाय के लोगों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया।...पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
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अनुच्छेद 370: जब अब्दुल्ला ने कहा- बहुत खतरनाक होंगे परिणाम, पढ़िए उस दिन क्या बोले देश के दिग्गज
अनुच्छेद-370 हटने के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर के नेता प्रधानमंत्री के साथ सर्वदलीय बैठक में शामिल होने जा रहे हैं। फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती समेत वो सभी नेता दिल्ली पहुंच चुके हैं, जिन्हें न्योता मिला है। अगस्त 2019 में केंद्र सरकार ने राज्यसभा में बड़ी घोषणा करते हुए कश्मीर को लेकर ऐतिहासिक फैसला लिया था। गृहमंत्री ने राज्यसभा में कश्मीर आरक्षण संशोधन बिल पेश किया।...पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
अनुच्छेद 370 और डोभाल का मिशन कश्मीर: घाटी आए और अपना काम कर गए, पढ़ें किस्सा उस गजब की प्लानिंग का
साल 2019 में जुलाई महीना शुरू होते ही कश्मीर के साथ ही पूरे देश में गहमागहमी थी। तरह-तरह की चर्चाएं हो रही थीं। घाटी के नेताओं का बार-बार एक ही सवाल था...आखिर क्या होने वाला है। क्या होने वाला है इसकी जानकारी तो केवल सरकार में बैठे चुनिंदा लोगों को ही थी। इन्हीं लोगों में से एक ऐसा नाम है जिनका प्लान तब पता चलता है जब उसे वह अंजाम दे देते हैं। वह कोई और नहीं बल्कि देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल हैं।...पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
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जम्मू-कश्मीर: अब नहीं दिखते पत्थरबाज, लद गए पाक-परस्त और देश-विरोधियों के दिन, देखिए तस्वीरें
कश्मीर की आबोहवा बदल रही है। आतंक के गढ़ रहे इलाकों से सरहद तक अमन की बयार बहने लगी है। अब सड़कों पर न पत्थरबाज दिखते हैं और न ही राष्ट्र विरोधी प्रदर्शन करने वाले। गांवों-शहरों में सरकारी इमारतों से लेकर सरहद तक तिरंगा फहर रहा है। आतंकवाद को दरकिनार कर युवा पीढ़ी काम धंधे में जुटने लगी है। ...पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
सेना ने कहा: घाटी में अभी करीब 200 आतंकी, साल के अंत तक कम कर देंगे संख्या
चिनार कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने कहा कि घाटी में करीब 200 आतंकी हैं। उम्मीद है कि हम साल के अंत तक संख्या कम कर देंगे। संघर्षविराम पर उन्होंने कहा कि संघर्षविराम केवल इसलिए हुआ है क्योंकि यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि नियंत्रण रेखा पर हमारे लोग शांतिपूर्ण रहें और उनकी देखभाल की जाए। हर बार संघर्ष विराम के उल्लंघन में निशाने पर हमारे लोग रहे हैं।...पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें