प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग विभाग के सचिव ने किया दाैरा
विजयपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जम्मू ने अपना पहला स्थापना दिवस मनाया। इसमें प्रशासनिक सुधार, लोक शिकायत, पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग
के सचिव वी श्रीनिवास (आईएएस) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान एम्स परिसर का दौरा करते हुए श्रीनिवास ने अत्याधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी, 1000 सीटों वाले कन्वेंशन सेंटर, व्याख्यान कक्ष, नेक्स्ट-जेनेरेशन सीक्वेंसिंग लैब, रेडियो-ऑन्कोलॉजी सेवाएं, मॉड्यूलर ओटी कॉम्प्लेक्स और इमरजेंसी व ट्रॉमा सेंटर की सराहना की।
वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञों की उपस्थिति : इस अवसर पर एम्स नई दिल्ली के निदेशक प्रो. (डॉ.) एम श्रीनिवास, एम्स जम्मू के कार्यकारी निदेशक और सीईओ प्रो. (डॉ.) शक्ति कुमार गुप्ता, डॉ. जितेंद्र शर्मा (एएमटीजेड के सीईओ), प्रो. (डॉ.) यतिन मेहता (मेदांता, गुरुग्राम), प्रो. (डॉ.) उमर जावेद शाह (पूर्व निदेशक, एसकेआईएमएस), प्रो. (डॉ.) एके बिसोई (एम्स, नई दिल्ली), प्रो. (डॉ.) अनिल गुप्ता (एम्स बठिंडा), प्रो. (डॉ.) आर चंद्रशेखर (स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार) समेत कई प्रतिष्ठित चिकित्सा विशेषज्ञ और प्रशासक शामिल हुए।
एम्स जम्मू की ‘विशिष्ट संस्कृति’ को सराहा : वी श्रीनिवास ने एम्स दिल्ली में अपने अनुभव और ऐतिहासिक तथ्यों को साझा किया और एम्स की विशिष्ट संस्कृति की सराहना की। उन्होंने एम्स जम्मू के कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) शक्ति कुमार गुप्ता के नेतृत्व को सराहते हुए कहा कि इतने कम समय में इस संस्थान को विश्वस्तरीय स्तर पर स्थापित करना काबिल-ए-तारीफ है।
‘मेक इन इंडिया’ से मेडिकल क्षेत्र को बढ़ावा
डॉ. जितेंद्र शर्मा (सीईओ, एएमटीजेड) ने चिकित्सा उपकरणों और तकनीकों के स्वदेशी निर्माण पर जोर देते हुए कहा कि मेक इन इंडिया पहल से भारत की आयात पर निर्भरता कम होगी और स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ व किफायती बनेंगी। एम्स जम्मू के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) वाईके गुप्ता ने एंटीबायोटिक्स के दुरुपयोग और उसके दुष्प्रभावों पर चिंता व्यक्त की और स्वास्थ्य सेवाओं और अनुसंधान को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। एम्स नई दिल्ली के निदेशक प्रो. (डॉ.) एम श्रीनिवास ने एम्स जम्मू को चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और अनुसंधान में उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। संवाद