मुसीबत एक बार फिर सिर पर है। रियासत में बारिश, हिमपात और भूस्खलन का सिलसिला जारी है। आने वाले तीन दिन बहुत भारी गुजरेंगे। सैलाब की आशंका से लोग बुरी तरह सहमे हैं। बचाव और राहत के लिए अभतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन, पुलिस, सुरक्षा बल और सरकार मुस्तैद है।
एनडीआरएफ की आठ टीमें मोर्चे पर डटी हैं। फिर भी हर चेहरे पर चिंता की लकीरें हैं। सितंबर की तबाही का मंजर भुलाए नहीं भूलता। रियासत के ज्यादातर हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। श्रीनगर की डल झील ने खतरे का निशान पार कर लिया है। नेशनल हाईवे बंद है। संपर्क मार्गों के टूटने या उन पर पानी भर जाने से आवाजाही बाधित है।
बडगाम, शोपियां और अनंतनाग जिलों में भूस्खलन से कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। जनजीवन अस्त व्यस्त है। मौसम विभाग ने अगले दो दिन भारी बारिश और बर्फबारी की आशंका जताई है। अनंतनाग, कुलगाम, पुलवामा, बारामुला, कुपवाड़ा, बांडीपोरा, गांदरबल जिलों में बर्फीले तूफान की चेतावनी है।
बर्फीला तूफान किसी भी पल
कश्मीर मंडलायुक्त के मुताबिक सभी जिलों के उपायुक्तों से कहा गया है कि लोगों को अलर्ट कर दें कि बर्फीले तूफान से प्रभावित क्षेत्रों में न जाएं। आपात ट्रेनें तैनात करने वाली रेलवे ने भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने की ऐसी तैयारी इससे पहले कभी नहीं की। जम्मू में आपातकालीन शिविर स्थापित किया गया है।
राज्य प्रशासन से रेलवे अधिकारी संपर्क में हैं। आपात स्थिति के लिए उधमपुर, कटड़ा व चकरखवाल स्टेशनों पर स्पेशल ट्रेनों की रैक खड़ी की गईं हैं। हाईवे पर भारी बारिश के चलते रामसू, नाशरी में भूस्खलन के कारण जम्मू-श्रीनगर हाईवे बुधवार दोपहर 12 बजे के बाद फिर बंद कर दिया गया। इससे रामबन, बटोत व रामसू में करीब एक हजार वाहन फंसे हैं।
उधमपुर में दो हजार ट्रकों को रोका गया है। जम्मू बस स्टैंड में सैकड़ों यात्री फंस गए हैं। डोडा, भद्रवाह व किश्तवाड़ रोड भी बंद है। राजोरी में भारी बारिश और पीरपंजाल की पहाड़ियों पर बर्फबारी हुई। रियासी के माहौर में फंसे चार परिवारों को सेना ने बचाया। अरनास में कई मकान ढह गए हैं। पुल डोडा के पास 132 केवी लाइन टूट जाने से क्षेत्र में दिन भर सप्लाई बाधित रही।
घाटी के ऊपर घना पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विभाग के निदेशक सोनम लोटस का कहना है कि घाटी के ऊपर काफी घना पश्चिमी विक्षोभ बना है। इससे भीषण बारिश हो सकती है।
मुफ्ती ने मांगी दुआ
मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने मौसम साफ होने के लिए दुआ मांगी। उन्होंने श्रीनगर हजरतबल दरगाह पर घाटी के लोगों को मौसम की मार से राहत देने की दुआ मांगी।
इसके अलावा कई अन्य जगह भी लोगों ने मौसम साफ हो इसके लिए नमाज अदा कर दुआएं मांगीं।
500 किमी. रेज वाला डॉपलर लगाएगा मौसम विभाग
मौसम विभाग मौसम की सटीक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए अगले दो साल के भीतर कश्मीर में सी बैंड का 500 किलोमीटर रेंज वाला डापलर रडार लगाएगा।
मौसम विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इससे मौसम की सटीक जानकारी कई घंटे पहले उपलब्ध हो जाने से प्रशासन और लोगों को समय रहते उचित कार्यवाही करने की सुविधा हो सकेगी।