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पहली बार चुनाव सीजन में गिरी शराब की बिक्री

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चुनाव आयोग के सख्त नियमों ने चुनाव में शराब का जमकर इस्तेमाल करने वालों पर नकेल कस दी है। राज्य आबकारी विभाग को मिले निर्देश के तहत बिकने वाली हर एक शराब की बोतल पर विभाग की नजर रहेगी। विभाग हर रोज की बिक्री की जानकारी राज्य चुनाव आयोग और भारतीय निर्वाचन आयोग को भेजेगा। इस निर्देश पर अमल शुरू कर दिया गया है।
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यही कारण है कि चुनाव में पैमाने कम ही छलक रहे हैं। आमतौर पर चुनाव में शराब की बिक्री में जमकर इजाफा होता रहा है, लेकिन इस बार इतनी सख्ती है कि इजाफा होना तो दूर सालाना आंकड़ा भी पूरा नहीं हो रहा। यहां तक कि नवंबर महीने में अब तक बिक्री में छह से 10 फीसदी तक की कमी आई है।

जानकारी के अनुसार चुनाव आयोग के नियमों के तहत चुनाव के वक्त किसी भी राज्य में शराब की बिक्री 30 फीसदी से अधिक नहीं होनी चाहिए। लेकिन हैरानी की बात तो यह है कि 30 फीसदी तो दूर, राज्य में चुनाव को लेकर एक फीसदी की बढ़ोतरी भी नहीं हुई है।
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हर रोज बिक्री की बनाई जा रही रिपोर्ट

आबाकारी विभाग की एग्जीक्यूटिव उपायुक्त, अनुराधा गुप्ता ने बताया कि चुनाव आयोग के सख्त निर्देश को लेकर विभाग ने रणनीति बनाई है। जिला स्तर, उप जिला स्तर और तहसील स्तर पर अधिकारियों को नियुक्त किया गया है। दुकानों से बिकने पर शराब की हर एक बोतल की जानकारी ली जा रही है।

हर एक दुकानदार का रिकार्ड चेक किया जा रहा है। यह रिकार्ड बनाकर राज्य चुनाव आयोग और भारतीय निर्वाचन आयोग को भेजा जा रहा है। पहली नबंवर से अब तक रोजाना ऐसा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग की खपत में तो सालाना होने वाली सेल का आंकड़ा भी पूरा नहीं हुआ है।
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पंजाब की तरह नहीं बहेंगी नदियां

पंजाब और हरियाणा में शराब पर एक्साइज ड्यूटी नहीं है। यही कारण है कि पिछले दिनों हरियाणा में हुए चुनाव और इससे पहले लोकसभा चुनाव में शराब का जमकर इस्तेमाल हुआ। लेकिन जम्मू कश्मीर में एक्साइज ड्यूटी है।

इसलिए विभाग को एक एक बोतल की बिक्री पर नजर रखनी पड़ रही है। यदि शादियों में किसी को कॉकटेल करनी है तो उसके लिए भी पहले उसे विभाग से अनुमति लेनी होगी। इसके बाद विभाग का इंस्पेक्टर कॉकटेल स्थल पर जाएगा और मुआयना करेगा।

चिकेन की खपत में 10 फीसदी इजाफा

बेशक शराब का इस्तेमाल कम हो रहा है, लेकिन चिकेन का इस्तेमाल खूब हो रहा है। राज्य में हर रोज 1200 क्विंटल चिकेन की खपत होती है। लेकिन चुनाव के आते ही यह खपत 1400 क्विंटल तक पहुंच गई है। सिर्फ जम्मू शहर में 700 क्विंटल चिकेेन की बिक्री हो रही है। चिकेन एसोसिएशन के प्रधान रविंदर सिंह जंबाल ने बताया कि चुनाव के नजदीक आने पर यह खपत और अधिक बढ़ेगी।
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