कश्मीर घाटी में बर्फबारी के बाद शुरू हुए विंटर टूरिजम पर अब बढ़ते हवाई किराए की मार पड़ सकती है। पर्यटन से जुड़े लोग इस वृद्धि से चिंतित हो गए हैं। पर्यटन विभाग के निदेशक के अनुसार लोगों को हमारा सहयोग करने की ज़रूरत है तभी कुछ हो पाएगा।
पर्यटन क्षेत्र से जुड़े एक टूर ऑपरेटर ग़ुलाम मुस्तफा ने बताया कि इस समय घाटी में पिछले कई वर्षों के मुकाबले अच्छी बर्फबारी हुई है और वह उम्मीद कर रहे थे कि वींटर टूरिजम को काफी बढ़ावा मिलेगा, लेकिन हवाई किरायों में एक दम से बढ़ावा होने के बाद उम्मीद धुंधली होती दिख रही है। उन्हें डर है कि कहीं बढ़ते किराए का असर पूरे सीजन पर न पड़े।
टूर ऑपरेटर मुजफ्फर अहमद ने बताया कि सरकार को जागने की जरूरत है। कश्मीर घाटी को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाले 300 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग के बंद होते ही हवाई किराया हमेशा बढ़ने लगता है। राजमार्ग को ऑल सीजन बनाया जाना चाहिए ताकि घाटी का संपर्क देश दुनिया से बना रहे।
बढ़े किराए ने बढ़ाई पर्यटन कारोबारियों की चिंता
हवाई किराए में बढ़ोतरी
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पर्यटन विभाग के निदेशक महमूद शाह ने कहा कि बढ़ता किराया सही में एक चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि इसके पीछे एयरलाइन कंपनियों और ट्रैवल एजंट्स का गठजोड़ काम कर रहा है। शाह ने कहा कि एयरलाइन कंपनियों पर उनका कंट्रोल नहीं है लेकिन उन्होंने पहले भी कुछ एजंट्स के खिलाफ कार्रवाई की थी। इसके लिए लोगाें को आगे आना होगा।
उन्होने कहा कि विभाग द्वारा इसके लिए इनफोर्समेंट विंग बनाया गया है। अगर लोग किसी भी एजेंट से महंगी टिकट खरीदते हैं तो वे शिकायत कर सकते हैं। गौरतलब है कि कश्मीर घाटी में करीब 6 महीने तक चली हिंसा के चलते खराब हुए समर टूरिजम के बाद अब पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों को विंटर टूरिजम से उम्मीद बंधी है।
जानें दिल्ली से कितना है किराया?
हवाई किराए में बढ़ोतरी
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28 जनवरी का डोमेस्टिक और अंतरराष्ट्रीय किराया
दिल्ली-श्रीनगर हवाई किराया 15,739 रुपये से शुरू होकर 21,536 तक है।
दिल्ली-मलेशिया हवाई किराया 11,305 रुपये से शुरू होकर 23,025 तक है।
दिल्ली-सिंगापुर हवाई किराया 12,061 रुपये से शुरू होकर 15,519 तक है।
दिल्ली-दुबई हवाई किराया 9,010 रुपये से शुरू होकर 12, 008 तक है।