आल इंडिया इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) को जम्मू से घाटी शिफ्ट किए जाने के विरोध में बनी एम्स कोआर्डिनेशन कमेटी भाजपा नेताओं पर जमकर बरसी, जिन्होंने कमेटी को कुछ राजनीतिक दलों द्वारा प्रायोजित करार दिया।
कमेटी के चेयरमैन और बार एसोसिएशन जम्मू के अध्यक्ष अभिनव शर्मा ने तमाम लोगों और जम्मू में सक्रिय सभी राजनीतिक दलों को 72 घंटे के आहूत बंद को सफल बनाने की अपील की। तवी पुल स्थित महाराजा हरि सिंह की प्रतिमा के सामने छठे दिन जारी भूख हड़ताल को संबोधित करते हुए चेयरमैन ने कहा कि भाजपा नेताओं की पोल खुल चुकी है।
मंगलवार को न तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न ही वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जम्मू के लिए एम्स की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जनता भाजपा की गंदी राजनीति से अवगत हो चुकी है, जिसने पिछले कुछ दिनों में एम्स को लेकर चल रहे आंदोलन को नाकाम करने के लिए हर तरह से कोशिश की।
नेताओं ने कहा था कि मंगलवार को जम्मू के लिए एम्स की घोषणा होगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ और नई दिल्ली ने इस संबंध में कुछ भी बयान नहीं दिया। लेकिन एम्स कोआर्डिनेशन तब तक शांत नहीं होगी, जब तक जम्मू के लोगों को उनका अधिकार नहीं मिल जाता।
धरने को संबोधित करते हुए चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रेसीडेंट राकेश गुप्ता ने चेतावनी देते हुए कहा कि अथारिटी के गैरजिम्मेदार रवैये के कारण संभाग में कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है। उन्होंने कहा कि दो बार जम्मू बंद होने के बावजूद अभी तक सरकार नहीं चेती है।