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मौसम खुश्क रहने से किसान परेशान

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अरनिया। लगातार मौसम खुश्क रहने से किसानों के चेहरों पर मायूसी छाई है। दूसरी तरफ बीजी गई गेहूं की फसल पर भी विपरीत असर पड़ना शुरू हो चुका है।
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बीते करीब एक माह से गेहूं बीजाई का काम शुरू होते ही किसान हल्की बारिश के इंतजार में हैं। मगर अभी तक एक बूंद नहीं गिरी, जिससे धान की फसल नष्ट होने के बाद गेहूं फसल पर भी सूखे का संकट बढ़ता जा रहा है।
मोहन लाल, रशपाल सिंह, रवि सिंह, दयाल चंद, राम लाल व बाबू राम आदि किसानों का कहना है कि 23 अक्टूबर सुबह मूसलाधार बारिश व ओलावृष्टि हुई थी, जिससे खेतों में खड़ी धान की फसल नष्ट हो गई थी। उसके बाद किसी तरह से खेतों को खाली करा कर गेहूं फसल की बीजाई कर दी। धान फसल तो नष्ट हो ही चुकी है अब जल्द से गेहूं फसल की बीजाई हो जाती है तो शायद हमें थोड़ी राहत मिल सके। मगर उसके बाद लगातार मौसम खुश्क रहने से बीजी गई गेहूं फसल के अभी अंकुर भी बाहर नहीं निकले, जिसका मुख्य कारण खुश्क मौसम माना जा रहा है।
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हालांकि इस बीच एक दो दफा नहरों में जलपूर्ति जरूर हुई मगर 40 प्रतिशत उपजाऊ भूमि तक नहरी पानी पहुंचता ही नहीं, जिससे पूरा दारोमदार बारिश पर ही निर्भर है। किसानों के अनुसार गेहूं बीजाई के एक सप्ताह बाद खेतों में अंकुर बाहर आना शुरू हो जाते हैं, मगर लगातार मौसम खुश्क रहने से ज्यादातर खेतों से अंकुर ही बाहर नहीं निकल पाए। कहा, अगर आने वाले दस बारह दिन मौसम का रवैया ऐसा ही रहा, तो गेहूं उत्पादन में काफी कमी आ सकती है।
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