ज्यौड़ियां। जहां इस सीजन किसानों को अच्छी बरसात होने पर धान की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद थी। वहीं धान की फसल पर अब छिड़े की मार पड़ने लगी है। क्षेत्र में धान की बासमती फसल को टिड्डा नष्ट कर रहा है। इससे किसानों को अपनी मेहनत और उम्मीद पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
इस विषय में किसान व पूर्व सरपंच राकेश चौधरी ने बताया कि बासमती की फसल को टिड्डा चट कर रहा है। उनकी ज्यादातर खेती बारिश के पानी पर निर्भर है। अगस्त की 10-12 तिथि के बाद से क्षेत्र में बारिश नहीं हुई है। इससे इस समय हमारे खेतों की ऊपरी सतह खुश्क हैं। इससे फसल सूखने की कगार पर है। किसान सुदेश चौधरी ने बताया कि धान को एक तो ग्रास हॉपर चट कर रहा है। दूसरा फसल बारिश नहीं होने से अब सूख भी रही है, जिससे पौधे की लंबाई बढ़ना रुक गई है। फसल का रंग भी पीला पड़ना शुरू हो गया है। इसको लेकर हमें डर है कि कहीं हमारी मेहनत पर पानी न फिर जाए।
किसान व नायब सरपंच पंचायत मट्टू कुलबीर सिंह, किसान राज कुमार तथा विजय कुमार ने बताया की अभी तो शुरूआत है, लेकिन ग्रास हॉपर धान की फसल के पत्तों को नष्ट कर रहा है। हमें लग रहा है कि इसका प्रकोप क्षेत्र में दिन पर दिन बढ़ रहा है। इससे हमें भय है कि कहीं फसल को यह बरबाद न कर दे। इसको लेकर कृषि विभाग से अपील है कि क्षेत्र में दौरा कर किसानों को जागरूक किया जाए।
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हमने क्षेत्र का दौरा कर जायजा लिया है। अभी तो टिड्डा इतना ज्यादा नहीं है कि फसल को बरबाद कर सके। अगर बारिश एक दो दिन नहीं हुई तो इसका प्रकोप बढ़ जाएगा। ग्रास हॉपर की रोकथाम के लिए किसान क्लोरोपायरिफास नामक दवा का छिड़काव करें जो ज्यौड़ियां और खौड़ के कृषि विभाग कार्यालय से पचास प्रतिशत की सब्सिडी पर मिलेगी और किसानों को छिड़काव की विधि भी बताई जाएगी।
-डॉ. रंजीत सिंह नगेयाल, एक्सटेंशन अधिकारी, कृषि विभाग कार्यालय, ज्यौड़ियां