सांबा। जिले में औद्योगिक इकाइयां आने से लोगों को लगा कि उनके अच्छे दिन आ रहे हैं। कारखानों में रोजगार के लिए पहले स्थानीय लोगों को 90 प्रतिशत कोटा दिए जाने के बारे में कहा गया। बाद में 50 प्रतिशत भी रोजगार नहीं मिला। जिले में श्रमिकों के वेतन से काटे जाने वाले पीएफ के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा है।
सांबा में पीएफ कार्यालय भी खुला, बाद में उसे बंद कर दिया गया, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कैली मंडी के सरपंच रविंद्र सिंह ने बताया कि श्रमिकों को पीएफ के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए काफी परेशानी बनी है। पहले सांबा में कार्यालय था, कुछ माह से कार्यालय जम्मू शिफ्ट कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस बाबत उपायुक्त को भी अवगत कराया गया है। वही एक ज्ञापन एलजी को भी भेेजा गया है कि सांबा में पीएफ का कार्यालय दोबारा खोला जाए, ताकि श्रमिकों को परेशानी न हो।