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नहीं मिल रहा लोगों को सौभाग्य योजना का लाभ

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सांबा के मनोहर गांव मे विजली नही आने को लेकर ग्रामीण प्रदशर्न करते हुए - फोटो : SAMBA
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सांबा। बिजली आपूर्ति नहीं मिलने पर गांव मनोहर के ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की। ग्रामीणों के अनुसार एक तरफ तो केंद्र सरकार लोगों की सुविधाओं के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर कई लाभकारी योजनाएं चला रही है, लेकिन अधिकारियों की लचर कार्यप्रणाली से वह योजनाएं लोगों तक नहीं पहुंच रही है।
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ऐसी ही सौभाग्य योजना के जरिये केंद्र सरकार ने घर-घर में बिजली पहुंचाने के लिए चलाई, लेकिन वह योजना का लाभ गांव मनोहर के लोगों को अभी तक नहीं मिल रहा है। हालांकि विभाग ने उस योजना को अमलीजामा पहनाते हुए उक्त गांव में बिजली के खंभे व ट्रांसफार्मर तक लगा दिए, लेकिन ट्रांसफार्मर लगे करीब एक साल बीत जाने पर भी चालू नहीं किया है। गांव मनोहर जिला सांबा से चार किलोमीटर की दूरी पर है। इसको लेकर शनिवार को गांव के लोगों के सब्र का बांध टूट गया और लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया और बताया कि वह बिजली विभाग को कई बार अपनी समस्या से अवगत करा चुके हैं, जबकि उपायुक्त से मांग की कि ट्रांसफार्मर को शीघ्र लगाकर सौभाग्य योजना का लाभ दिया जाए।
प्रदर्शन में सुरजीत सिंह, अंकु शर्मा,अभी संबयाल, राज सिंह, तानिया संब्याल, शकुंतला, नीता देवी, पवन सिंह, सुनीता देवी व जगबीर सिंह भी शामिल रहे।
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क्षेत्र में एक 66 केवी की लाइन कारण समस्या आ रही थी। अब शीघ्र ही उक्त ट्रांसफार्मर को चालू कर दिया जाएगा।
- केवल कृष्ण, एईई, बिजली विभाग
बिजली के बकाया बिल पर ब्याज माफ नहीं होने पर रोष
सांबा। जम्मु-कशमीर सरकार ने उद्योगों, व्यवसायी व घरेलू बिजली के बकाया बिल पर लगने वाले ब्याज को सरकार की ओर से माफ करने की घोषणा की है। जबकि किसानों को इससे वंचित रखा गया है। इसको लेकर काफी परेशान हैं व सरकार से खफा हैं। किसान सुरिंद्र सिंह, किसान नेता गार सिंह, पूर्व सरपंच भरत इंदु शर्मा आदि ने बताया कि सरकार ने उद्योगों, व्यवसाय व घरेलू बिजली के कनेक्शन के बकाया बिल पर ब्याज माफ किया जा रहा है, लेकिन एक बार फिर से किसानों को वंचित रखा गया है। उनके अनुसार किसान साल में तीन माह ही मोटर पंप चला कर बिजली का प्रयोग करता है, जबकि वह साल भर का बिजली का किराया विभाग को देता है। उन्हें सरकार ने क्यों वंचित रखा है। उन्होंने कहा कि किसानों की हमेशा से ही उपेक्षा की जाती रही है। एक बार फिर से किसान उपेक्षित हुए हैं। इसको लेकर किसानों में सरकार के प्रति रोष है। उन्होंने मांग उठाई है कि किसानों के पंप सेटों के बकाया बिल पर ब्याज माफ किया जाए। अन्यथा किसान सड़कों पर आ जाएंगे। संवाद
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