आरएस पुरा। जम्मू-कश्मीर में विधानसभा सीटों के पुनर्गठन हेतु परिसीमन आयोग रिपोर्ट में सुचेतगढ़ विधानसभा सीट को खत्म किए जाने के बाद क्षेत्र में लगातार आंदोलन जारी है। मंगलवार को डीडीसी सदस्य सरदार तरनजीत सिंह टोनी के नेतृत्व में विधानसभा क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने रोष रैली निकालकर परिसीमन आयोग से मांग की कि सुचेतगढ़ विधानसभा सीट को जल्द से जल्द बहाल किया जाए। नहीं तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।
रैली महात्मा गांधी पार्क से शुरू हुई और कस्बे के मुख्य बाजारों से होते हुए पार्क में जाकर संपन्न हुई। रैली में सरपंचों पंचों के अलावा क्षेत्र के सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। डीडीसी सदस्य ने कहा कि केंद्र सरकार के इशारों पर परिसीमन आयोग ने जो रिपोर्ट तैयार की है, उसमें सुचेतगढ़ विधानसभा सीट को खत्म कर दिया है। जो क्षेत्र के लोगों के साथ बहुत बड़ा धोखा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1996 में इस सीट का गठन हुआ, जिससे सीमावर्ती लोगों को एक अलग पहचान मिली थी, लेकिन मौजूदा सरकार के दखल के बाद परिसीमन आयोग ने इस सीट को खत्म कर दिया है। जो लोगों के साथ धोखा है। लोगों की पहचान खत्म की गई है।
इस मौके पर जाट महासभा के प्रधान मनमोहन चौधरी, अवतार सिंह खालसा आदि ने भी विचार रखे और कहा कि सरकार ने साजिश के तहत सुचेतगढ़ सीट को खत्म किया है। इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों को हमेशा ही पाकिस्तानी गोलाबारी से नुकसान उठाना पड़ा है। अब सरकार ने उनकी विधानसभा सीट भी छीन ली है जो कि इन लोगों के साथ बहुत बड़ा अन्याय हैं।
रैली में सरपंच श्याम लाल भगत, बिन्नी शर्मा, शेख शकील, मीर शाहिद सलीम, साक्षी चौधरी, बलकार नागरा, नीलम चौधरी, तिलक राज, शशी भगत, सुखदेव सिंह नागरा, बचन लाल, रछपाल सिंह गिल, राजेश खन्ना शामिल रहे।
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डीडीसी सदस्य तरणजीत सिंह टोनी ने रैली को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र रैना व पूर्व मंत्री शक्ति परिहार के मध्य सोशल मीडिया में वायरल ऑडियो सुनाई। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश व नेता की ऑडियो से साबित होता है कि भाजपा को लाभ देने के लिए विधानसभा सीटों के पुनर्गठन हेतु परिसीमन आयोग रिपोर्ट तैयार की गई है। भाजपा की करनी में अंतर होने पर गरीब व मध्य वर्ग के लोगों की अनदेखी की जा रही, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
परिसीमन आयोग के खिलाफ लोगों बढ़ता जा रहा रोष
सांबा। जम्मू-कश्मीर में वर्षों बाद परिसीमन प्रक्रिया शुरू की गई है। ऐसे में परिसीमन आयोग की तरफ से बनाई गई रिपोर्ट के सामने आने पर राजपुरा से लेकर रामगढ़ तक लोगों में गुस्सा बना रहा। विपक्ष के साभ भाजपा कार्यकर्ता भी आयोग की रिपोर्ट के नाखुश हैं।
राजपुरा ब्लॉक के बीडीसी अध्यक्ष राधा कृष्ण के अनुसार जम्मू-कश्मीर में सीटें बढ़ाए जाने का वह स्वागत करते हैं, लेकिन रामगढ़ के साथ जोड़े जाने का वह विरोध करते हैं। क्योंकि रामगढ़ के साथ उनका कोई तालमेल ही नहीं है। पहले वह हीरानगर विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा थे। सांबा जिला बनने पर उन्हें सांबा जिले के साथ जोड़ा गया। अब परिसीमन होने पर उन्हें रामगढ़ के साथ जोड़ा जा रहा है। दियानी के सरपंच प्रदीप कुमार के अनुसार कि बह लोग हाईवे के बिलकुल ही निकट है। दियानी से सांबा तीन चार किलोमीटर है, जबकि रामगढ़ करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर है ऐसे में उन्हें रामगढ़ के साथ जाने की काफी परेशानी है। वह लोग रामगढ़ के साथ नहीं जाएंगे। रामगढ़ के सामाजिक कार्यकर्ता एवं पैंथर्स पार्टी के नेता यशपाल शर्मा के अनुसार अरसे बाद रामगढ़ को विधानसभा की सीट बनाया गया है। उसे भी आरक्षित किया गया है। जबकि रामगढ़ सीट को सामान्य वर्ग के लिए रखा जाता तो अच्छा होता। क्योंकि क्षेत्र में अधिकतर सवर्ण मतदाता है। सीट को आरक्षित किए जाने का रामगढ़ वासी भी कड़ा विरोध जता रहे हैं।
कांग्रेस 23 को निकालेगी रोष रैली
परिसीमन के प्रस्तावित के विरोध कांग्रेसियों की बैठक
आरएस पुरा। कस्बे में परिसीमन के प्रस्तावित के विरोध कांग्रेसियों ने मंगलवार को बैठक कर कस्बे में 23 फरवरी को रोष रैली निकालने का फैसला किया। पार्टी के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा के पूर्व सदस्य तरलोक सिंह बाजवा की अध्यक्षता में हुई बैठक में कहा गया कि परिसीमन के प्रस्तावित के विरोध कांग्रेस की ओर से सुचतेगढ़ क्षेत्र की विधानसभा को रद्द करने का विरोध किया जाएगा।
बाजवा ने कहा कि परिसीमन रिपोर्ट में सुचेतगढ़ की सीट का खत्म कर सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों की अनदेखी की गई है। बैठक में मौजूद पंडित पवन रैणा, अजायब सिंह मोटन, सरपंच रविंद्र सिंह, सुचेतगढ ब्लॉक प्रधान चौधरी महेंद्र सिंह व आरएस पुरा से श्याम लाल मेहरा, जितेंद्र भगत, अजय कुमार आदि ने कहा कि भाजपा नेताओं ने साजिश के अंतर्गत सुचेतगढ़ विधानसभा को खत्म कर आरएस पुरा में जोड़ने के साथ इसे एक बार फिर आरक्षित कर लोगों की अनदेखी की है। यही नहीं आरएएस पुरा विधानसभा क्षेत्र के कई गांव व मीरां साहिब कस्बे को जम्मू साउथ में डाला गया। इसी प्रकार खारिया, बन सुल्तान अपर, बन सुल्तान लोअर, मरालिया पंचायत के क्षेत्र को बिश्नाह, जम्मू साउथ व आरएस पुरा में रख विभाजन किया गया। आने वाले समय में आरएस पुरा को जिला बनाया जाना था, लेकिन भाजपा की ओर से इसके टुकडे़ कर दिए गए। बैठक में कांग्रेस के कई पदाधिकारी मौजूद थे।