.मीरा साहिब में पंजाबी भाषा को जम्मू कश्मीर में अधिकारिक तौर पर लागू किए जाने की मांग को लेकर प्रद
मीरां साहिब। पंजाबी भाषा को जम्मू-कश्मीर में आधिकारिक तौर पर लागू किए जाने की मांग को लेकर रविवार को सिंबल क्षेत्र के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लिए हुए थे, जिन पर पंजाबी भाषा को जम्मू-कश्मीर में आधिकारिक तौर पर लागू किए जाने की मांग की गई।
प्रदर्शनकारी स्वर्ण सिंह, अजमीत सिंह, सरपंच रविंद्र सिंह आदि ने कहा कि सिख समुदाय के लोगों के साथ उन लोगों के साथ भी भेदभाव किया है। जो पंजाबी भाषा बोलते और लिखते हैं। पंजाबी ऐसी भाषा है जो पूरे विश्व में बोली जाती है। इसका पूरे विश्व में अहम स्थान है। जम्मू-कश्मीर में भी पंजाबी भाषा को अपनाने वाले लोगों की संख्या लाखों में है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सिख समुदाय के लोग ही नहीं बल्कि सभी समुदाय के लोग पंजाबी बोलते हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द से जल्द जम्मू-कश्मीर में पंजाबी भाषा को आधिकारिक तौर पर लागू नहीं किया तो आने वाले दिनों में सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे, जिसकी जिम्मेदारी केंद्र व राज्य सरकार की होगी। इस दौरान सिख समाज के कई लोग मौजूद थे जिन्होंने अपने विचार रखे।