श्रीनगर में नीट की परीक्षा देते परीक्षार्थी। संवाद
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जम्मू। देश भर में रविवार को मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए नेशनल इलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (एनईईटी) का आयोजन किया गया। इसमे जम्मू-कश्मीर से 34 हजार परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया। 16 हजार अभियार्थी जम्मू से और 18 हजार अभियार्थी कश्मीर से नीट में बैठे। परीक्षा के लिए बनाए गए केंद्रों में कोविड के निर्देशों का सख्ती से पालन किया गया।
जानकारी के अनुसार सोशल डिस्टेंसिंग के लिए इस बार परीक्षा केंद्र में कुल 10 से 12 विद्यार्थियों को ही बिठाया गया। परीक्षा केंद्र में जाने से पहले थर्मल स्क्रीनिंग की गई और हर सेंटर में कोरोना के किसी भी लक्षण वाले विद्यार्थियों के लिए अलग से कमरा रखा गया था। केंद्रों से बाहर निकलते हुए विद्यार्थियों की काफी भीड़ इकट्ठी हो गई। केंद्र से बाहर आए ताविश शर्मा ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर लगातार सैनिटाइजेशन किया जा रहा था और विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए पूरे इंतजाम किए गए।
2जी के चलते विद्यार्थियों ने झेली परेशानी
नीट देकर निकले विद्यार्थियों ने कहा कि इस साल टूजी इंटरनेट की वजह से काफी समस्या झेलनी पड़ी। वफ्फा अशरफ ने बताया कि पहले तो फोर जी सुविधा उपलब्ध नहीं होने से परेशानी झेलनी पड़ी और उसके बाद कोरोना के चलते सभी संस्थान भी बंद हो गए। ऐसे में पढ़ाई करने में कठिनाई हुई। वहीं प्ररेणा जमवाल ने कहा कि इस साल परीक्षा के लिए काफी ज्यादा मेहनत करनी पड़ी है।
श्रीनगर में कड़ी रही सुरक्षा व्यवस्था
श्रीनगर में कोविड-19 के निर्देशों के पालन की विस्तृत व्यवस्था देखने के लिए जिला प्रशासन और संबंधित संस्थानों के प्रबंधनों ने केंद्रों का दौरा किया। सभी केंद्रों पर परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए सुरक्षा व्यवस्था का भी ध्यान रखा गया था। जिला प्रशासन की ओर से 40 से अधिक कार्यकारी मजिस्ट्रेट और नोडल अधिकारियों को परीक्षा के सुचारू संचालन और छात्रों की सुविधा के लिए प्रतिनियुक्त किया गया था।