मैट्रिक के आधार पर अब पैरामेडिकल कोर्स करने वाले विद्यार्थियों को राहत मिल सकेगी। अगले सत्र से इन कोर्सों के लिए 16 साल के बजाय आयु को 15 साल करने की तैयारी की जा रही है।
प्रतिस्पर्धा के दौर में कई विद्यार्थी दसवीं कक्षा को 14-15 साल में पास कर रहे हैं, जिसे देखते हुए जेएंडके स्टेट पैरा मेडिकल काउंसिल ने आयु में राहत देने का फैसला किया है।
इसकी पुष्टि करते हुए काउंसिल के परीक्षा कंट्रोलर डा. अमरजीत सिंह भाटिया ने बताया कि कई प्रस्तावों पर काउंसिल ने मुहर लगाई है। कई अन्य प्रस्ताव कैबिनेट में मंजूरी के लिए प्रस्तावित हैं।
उल्लेखनीय है कि मैट्रिक के आधार पर मौजूदा समय में 16 आयु वर्ग का उम्मीदवार पैरा मेडिकल कोर्स कर सकता है, लेकिन शिक्षा प्रणाली में बदलाव के बाद बड़ी संख्या में विद्यार्थी 14 से 15 साल में ही दसवीं कक्षा को पास कर रहे हैं, जिससे उम्मीदवार दो साल तक कोर्स नहीं कर पाते थे, लेकिन अब इस व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है।
पैरा मेडिकल काउंसिल के अधीन पैरा मेडिकल कोर्सों की परीक्षाओं में हर साल जम्मू संभाग से करीब दस हजार परीक्षार्थी बैठते हैं। कश्मीर संभाग से करीब आठ हजार विद्यार्थी शामिल होते हैं।
इसमें एएमटी/एएनएमटी स्कूल, निजी पैरा मेडिकल संस्थानों से विद्यार्थी विभिन्न पैरा मेडिकल कोर्सों की परीक्षाएं में बैठते हैं। इस बार फरवरी के अंत या मार्च के शुरू में परीक्षाएं आयोजित करवाने की तैयारी की जा रही है।
इसके लिए स्कूली शिक्षा बोर्ड, विश्वविद्यालय और अन्य राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए पैरा मेडिकल की परीक्षाओं की तिथि तय की जा रही हैं।
इन परीक्षाओं के लिए जीएमसी सहित अन्य निजी और सरकारी संस्थाओं की सेवाएं ली जाती हैं। इन परीक्षाओं में फीमेल मल्टीपर्पज 1-2, एमएमपीएचब्ल्यू 1-2, जनरल नर्सिंग, डी. फार्र्मेसी, आपथामिक, आपरेशन थियेटर टेक्निकल, फिजियोथेरेपी असिस्टेंट, सेनेटरी इंस्पेक्टर, एनेस्थीसिया असिस्टेंट, जनरल नर्सिंग, मेडिकल असिस्टेंट, लैबोरेटरी असिस्टेंट, एक्सरे एंड ईसीजी असिस्टेंट, डेंटल असिस्टेंट परीक्षाएं करवाई जाती हैं।