मुंबई को उसी के घर पर चित कर रणजी ट्राफी में इतिहास रचने वाली जेएंडके टीम की नजर अब 14 नवंबर को चेन्नई में तमिलनाडु के खिलाफ होने वाले दूसरे मुकाबले पर है।
इस सीजन में जेएंडके को तकनीकी कारणों से सभी आठ मुकाबले दूसरे राज्यों में खेलने हैं, जबकि अन्य सभी राज्यों को आठ में से चार मुकाबलों की अपने घरेलू मैदानों पर मेजबानी मिली है, लेकिन बाढ़ के कारण रियासत में कोई मैदान तैयार न होने से राज्य से चार मुकाबले दूसरी जगह शिफ्ट कर दिए गए थे।
दूसरे रणजी मुकाबले पर जेएंडके की टीम बल्लेबाजी, गेंदबाजी के साथ क्षेत्ररक्षण पर ध्यान केंद्रित कर रही है। पहले मुकाबले में बल्लेबाजों के साथ गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया है।
इसमें बल्लेबाजी में एक छोर से युवा क्रिकेटर शुभम खजूरिया ने शानदार 185 रनों की पारी खेली थी, जबकि गेंदबाजी में राम दयाल दो पारियों में महत्वपूर्ण आठ विकेट चटकाने में कामयाब रहे थे।
मुंबई पर जीत से जेएंडके के खिलाड़ियों के हौसले बुलंद हैं। टीम के कप्तान परवेज रसूल का कहना है कि मुंबई पर जीत के बाद आत्मविश्वास और बढ़ा है। हमें उम्मीद है कि ग्रुप ए के अन्य मुकाबलों में भी जेएंडके के लड़के बेहतर प्रदर्शन करने में सफलता हासिल करेंगे।
जेएंडके को अपने बचे हुए सात मुकाबलों में तमिलनाडु के बाद बडोदरा में 21 दिसंबर को बड़ौदा, कानपुर में 28 दिसंबर को उत्तर प्रदेश, पांच जनवरी को हुबली में कर्नाटक, 13 जनवरी को कोलकाता में बंगाल, 21 जनवरी को रेलवे और 29 जनवरी को ग्वालियर में मध्य प्रदेश के खिलाफ मुकाबला खेलना है।
पिछले साल रणजी में राज्य टीम ने क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय करके इतिहास रचा था।