सांबा। सीमावर्ती क्षेत्र के विकासात्मक प्रोफाइल को बदलने और सीमावर्ती जिला सांबा के लोगों को कल्याणकारी योजनाओं के लाभों के विस्तार के साथ-साथ विकास कार्यों में बाधाओं को समय पर दूर करने के उद्देश्य से प्रशासनिक सचिव योजना, विकास और निगरानी विभाग सुषमा चौहान ने शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय में समीक्षा बैठक की।
इस अवसर पर पीडब्ल्यूडी, जल शक्ति, आरडीडी, जेपीडीसीएल जैसे विभाग के अधिकारियों के साथ बातचीत की। उन्होंने कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा सामना किए जा रहे मुद्दों के बारे में भी पूछताछ की, जिसमें पीएचई, पीडीडी, आरडीडी जैसे अधिकांश विभागों ने लंबित योजनाओं के तहत बिलों की गैर मंजूरी का मुद्दा उठाया। इससे परियोजना के पूरा होने में देरी हो रही है। सचिव ने आश्वासन दिया कि इस मामले को उचित स्तर पर उठाया जाएगा। बीएडीपी के तहत उन्होंने निर्देश दिया कि सीमावर्ती लोगों को अधिकतम लाभ प्रदान करने के लिए और अधिक परियोजनाओं की परिकल्पना की जानी चाहिए। जैसे कि टेली मेडिसिन, सलाहकार, पुस्तकालय, सामुदायिक केंद्र और हर सीमावर्ती गांव में खेल के मैदान।
क्षेत्र विकास अनुदान के तहत उन्होंने निर्देश दिए कि चालू वित्तीय वर्ष में अधिक से अधिक संख्या में कार्यों को पूरा करने के लिए क्रियान्वयन एजेंसियों को प्रयास करना चाहिए, ताकि जमीनी स्तर पर विकास दिखाई दे और आम जनता लाभान्वित हो सके। आकांक्षी ब्लॉकों के बारे में उन्होंने कहा कि सुंब और राजपुरा में जो सांबा के आकांक्षा ब्लॉक हैं, प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के संबंध में विश्लेषण किया जाना चाहिए। ताकि इन ब्लॉकों का समग्र विकास किया जा सके। उन्होंने कोविड महामारी से निपटने के लिए जिला प्रशासन के प्रयास की सराहना की। साथ ही टीकाकरण अभियान में उल्लेखनीय उपलब्धि के साथ सांबा को 18 साल से ऊपर के 100% टीकाकरण हासिल करने वाला पहला जिला बनने का भी स्वागत किया।