- यूटी बैंकर्स कमेटी की बैठक में कृषि, युवाओं व स्वयं सहायता समूहों को कर्ज देने पर जोर
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने शनिवार को श्रेणीवार यूटी लेवल बैंकर्स कमेटी की 17वीं बैठक की अध्यक्षता की। वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही और पहले छह माह में बैंकों की कर्ज देने की स्थिति व सेवाओं की समीक्षा की गई। डुल्लू ने बैंकों को निर्देश दिए कि विकास को गति देने के लिए कर्ज बढ़ाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि पहलगाम हमले, सरहद पर तनाव और बाढ़ जैसी चुनौतियों के बीच भी प्राथमिक क्षेत्र में कर्ज वितरण संतोषजनक रहा है। उन्होंने बैंकों से कहा कि वे समग्र कृषि विकास योजना, विश्वकर्मा योजना, मिशन युवा और होमस्टे जैसी योजनाओं में युवाओं को बिना कठिनाई के कर्ज दें, ताकि रोजगार के अवसर बढ़ें। उन्होंने सीडी अनुपात सुधारने और स्वयं सहायता समूहों को अधिक वित्तीय सहायता देने पर विशेष जोर दिया।
मुख्य सचिव ने बैंकों से प्राथमिक क्षेत्र- कृषि, आवास, शिक्षा और सामाजिक ढांचा पर ध्यान केंद्रित करने के भी निर्देश दिए। साथ ही निजी बैंकों को निर्देश दिया कि वे उन इलाकों में पहुंच बढ़ाएं जहां अभी भी बैंकिंग सुविधाएं कम हैं। साथ ही सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, जैसे प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना में नामांकन बढ़ाने और दावों का समय पर निपटारा सुनिश्चित करें। जेके यूटीएलबीसी के महाप्रबंधक आशुतोष सरीन ने प्रगति रिपोर्ट पेश की। उन्होंने बताया कि मौजूदा वित्तीय वर्ष के पहले छह माह में बैंकों ने 10.07 लाख लाभार्थियों को 43,017 करोड़ रुपये का कर्ज दिया है। उन्होंने मिशन युवा, पीएमईजीपी, पीएमएफएमई, समग्र कृषि विकास योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, स्वयं सहायता समूहों के जुड़ाव और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की प्रगति भी साझा की। सभी विभागों और बैंकों से आग्रह किया गया कि वे लिए गए निर्णयों को समय पर लागू करें। बैठक में जेके बैंक के प्रबंध निदेशक अमिताव चटर्जी, कृषि उत्पादन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शैलेंद्र कुमार, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव संतोष डी वैद्य, उद्योग और वाणिज्य विभाग के आयुक्त सचिव विक्रमजीत सिंह भी मौजूद रहे।