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Jammu News: पीओके पैकेज योजना के बंद करने के आदेश से 4,000 डीपीएफ परिवार चिंतित

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- अनिवार्य दस्तावेजीकरण की शर्तों में शरणार्थियों को आसानी प्रदान करने में देरी का आरोप
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) पैकेज योजना के आगामी 31 मार्च को बंद करने के आदेश से 1947 के पीओके शरणार्थियों के चार हजार विस्थापित व्यक्ति परिवार (डीपीएफ) चिंतित हैं। उनका आरोप है कि अनिवार्य दस्तावेजीकरण की शर्तों में शरणार्थियों को आसानी प्रदान करने में देरी की गई है। 2023 में डबल बेंच में यह पक्ष जीत लिया गया था, लेकिन आसानी प्रदान करने का निर्णय मार्च 2025 में लिया गया। जिससे हजारों डीपीएफ परिवार आवेदन नहीं कर पाए हैं और राहत पैकेज लाभ से वंचित हो सकते हैं। उधर, आरएस पुरा-जम्मू दक्षिण के विधायक व भाजपा के राष्ट्रीय सचिव डॉ. नरिंदर सिंह ने विधानसभा में शरणार्थियों के लिए पैकेज योजना की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग की है।
डीपीएफ परिवारों के लिए प्रधानमंत्री विकास पैकेज योजना को 2015 में लागू किया गया था। भारत सरकार ने 36,384 विस्थापित व्यक्ति परिवारों (डीपीएफ) के लिए 5.5 लाख रुपये प्रति परिवार के राहत पैकेज को मंजूरी दी। इसमें 1947 में पीओके से 26,319 विस्थापित परिवार और 1965 और 1971 के युद्धों के दौरान छंब से विस्थापित 10,065 परिवार शामिल हैं। शरणार्थी परिवारों को 30 लाख रुपये तक राहत पैकेज देने की योजना है, लेकिन चरणबद्ध पहले 5.5 लाख रुपये दिए जा रहे हैं। सरकारी आंकड़ों में पीओके 1947 के कुल डीपीएफ परिवारों से 21084 ने राहत लाभ के लिए आवेदन किए और उनमें 20523 मामले मंजूर किए गए, जबकि 561 मामले दस्तावेज न होने व न्यायालय में विचाराधीन होने से लंबित/रद्द किए गए हैं।
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अनिवार्य रिकाॅर्ड न होने से मुश्किल बढ़ी
विधायक डॉ. नरिंदर का कहना है कि अनिवार्य रिकॉर्ड उपलब्ध न होने के कारण 1947 के पीओके शरणार्थियों के लगभग चार हजार परिवारों को बाहर रखा गया है। 1965 और 1971 के दौरान विस्थापित परिवारों के संबंध में दस्तावेजीकरण में छूट दी गई थी। यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयास/कदम उठाए गए थे कि 1947 के सभी पात्र पीओके विस्थापितों को इस योजना के दायरे में लाया जा सके। पीओके पैकेज योजना को इसी महीने के अंत में बंद करने को कहा गया है। लेकिन इसकी समय सीमा न बढ़ाए जाने से पीओके शरणार्थियों की सही हकदार आबादी को राहत लाभ नहीं मिल सकेगा।
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झूठी जानकारी दे रही सरकार : राजीव
जम्मू। एसओएस इंटरनेशनल (ऑर्गेनाइजेशन आफ पीओके डिस्प्लेस्ड) के चेयरमैन राजीव चुन्नी का आरोप है कि पीओके पैकेज योजना के शरणार्थियों के बारे में सरकार गलत जानकारी दे रही है। अभी तक चिह्नित कुल परिवारों में से सिर्फ 17000 को ही राहत लाभ मिला है। जमीन और क्वार्टर अलाटमेंट वाले हजारों शरणार्थी परिवारों के बारे में प्रांतीय पुनर्वास अधिकारी (पीआरओ) कार्यालय के पास जानकारी नहीं है, जबकि इसका खामियाजा लाभार्थी परिवारों को भुगतना पड़ रहा है। दस्तावेज की आसान प्रक्रिया न होने से वे लाभ के लिए आवेदन नहीं कर पाए हैं। बताया जा रहा है कि गत 20 मार्च के बाद से आवेदन के लिए कोई फाइल न लेने को कहा गया है, जबकि इसमें शरणार्थी परिवारों का क्या कसूर है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहत पैकेज के भुगतान में प्रशासनिक स्तर पर काफी सुस्त प्रक्रिया से काम किया गया है। जबकि आदेश के तहत लाभार्थी
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