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POK पर मोदी की टिप्पणी से एलओसी पर बढ़ी पाक सेना की हलचल

Tue, 04 Apr 2017 11:55 AM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र,अमर उजाला/जम्मू
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उधमपुर में जनसभा को संबोधित करते पीएम - फोटो : फाइल फोटो
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पीओके की बदहाली पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी के बाद एलओसी पर पाकिस्तानी सेना की हलचल बढ़ गई है। पाकिस्तान की ओर से सीजफायर के उल्लंघन की घटनाओं में इजाफा हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी की घटनाएं और बढ़ सकती हैं। लिहाजा नियंत्रण रेखा पर सेना की गश्त बढ़ी दी गई है।
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रक्षा मंत्रालय ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने का निर्देश दिया है। पीएम मोदी ने चिनैनी-नाशरी टनल के उद्घाटन के बाद रविवार को रैली में पीओके पर पाकिस्तान के अवैध कब्जे पर सवाल उठाते हुए वहां की बदहाली का जिक्र किया था।

पीओके में ही लश्कर-ए तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी शिविर हैं, जिन्हें पाकिस्तान सेना से प्रशिक्षण मिलता है। भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक में पुंछ से सटे पीओके के इलाके में घुसकर आतंकी शिविरों को ध्वस्त किया था। मोदी की टिप्पणी के बाद से इस सेक्टर पाक गोलाबारी तेज हुई है। 
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घुसपैठ की कोशिशों के आंकड़े में इजाफा

सीमा पर तैनात जवान - फोटो : फाइल फोटो
कश्मीर में सेना की सख्ती के बाद पाकिस्तान ने जम्मू संभाग के राजोरी और पुंछ इलाके से आतंकियों की घुसपैठ कराने की कोशिशें तेज की हैं। इसी क्रम में सीजफायर के उल्लंघन के जरिये घुसपैठियों को कवर फायर दिया जा रहा है। आतंकी बुरहान वानी की मुठभेड़ के बाद से कश्मीर घाटी में हिंसा और आगजनी की घटनाओं के साथ घुसपैठ की कोशिशों में भी बढ़ोतरी हुई। 

घुसपैठ की कोशिशों का आंकड़ा 2015 के 121 की संख्या से बढ़कर 371 पर पहुंच गया। इस साल के तीन महीनों में घुसपैठ की 80 कोशिशें हो चुकी हैं। सवा साल में सेना ने 35 घुसपैठियों को एलओसी पर 35 घुसपैठियों को ढेर किया है 

सर्जिकल स्ट्राइक में पीओके स्थित आतंकी शिविरों के ध्वस्त करने और बड़ी संख्या में आतंकियों के सफाए के बाद कश्मीर में आतंकी घटनाओं में कुछ कमी आई। कश्मीर में एक जुलाई 2016 से 30 सितंबर तक में 110 आतंकी घटनाएं हुईं थीं।
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कश्मीर में भारी उपद्रव की साजिश

कश्मीर में हिंसक प्रदर्शन - फोटो : फाइल फोटो
सर्जिकल स्ट्राइक के बाद एक अक्टूबर 2016 से 31 दिसंबर तक यह संख्या घटकर 87 पर पहुंच गई, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। लश्कर और हिजबुल मुजाहिदीन ने फिर से शिविरों को सक्रिय कर लिया है। लिहाजा घुसपैठ, सीजफायर उल्लंघन और घाटी में आतंकी घटनाएं बढ़ रही हैं। 
सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि आतंकी संगठन, अलगाववादियों और उपद्रवियों ने गर्मी के मौसम में कश्मीर में भारी उपद्रव की साजिश बुनी है। इस कारण अभी और हमलों की आशंका बनी हुई है।

सेना और सुरक्षा एजेंसियों ने संभावित हमलों के मद्देनजर सतर्कता बढ़ा दी है। प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के दिन ही कश्मीर में आतंकियों ने ग्रेनेड हमला किया और मोदी के वापस जाने के बाद दूसरे दिन फिर सीआरपीएफ के जवानों पर हमला हुआ। 
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