हेरोइन तस्करी के आरोप में पकड़े गए आरोपी की हीरानगर पुलिस थाने में संदिग्ध मौत पर बवाल मच गया। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाकर जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे जाम कर दिया। घंटों हंगामे के बीच जिला उपायुक्त ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए। वहीं हिरासत में मौत पर पुलिस के तीन कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
हीरानगर थाना प्रभारी को जिला पुलिस लाइन में अटैच कर दिया गया है। पंद्रह दिन में जांच रिपोर्ट तलब की गई है। मृतक के परिवार को रेडक्रॉस निधि से एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता का आश्वासन दिया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार टपयाल गांव के सुनील वर्मा को वीरवार हीरानगर पुलिस नाके पर जांच के दौरान 11.47 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा गया था।
पूछताछ के बाद उसे थाने ले जाया गया। पुलिस के अनुसार रविवार सुबह 8.10 बजे सुनील का शव थाने के शौचालय में मफलर से बनाए फंदे से लटका पाया गया। पुलिस ने दावा किया कि सुनील ने आत्महत्या कर ली। वहीं, मौत की सूचना पर सुनील के परिवार व आस पड़ोस के लोग भड़क गए। पुलिस पर हत्या का आरोप लगाकर जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे पर लोंडी मोड़ पर जाम लगा दिया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पुलिस ने सुनील को बुरी तरह से प्रताड़ित कर उसकी हत्या कर दी। इसकी निष्पक्ष जांच के बिना सच सामने नहीं आ सकता। करीब चार घंटे लगातार हाईवे जाम रहा। मौके पर पहुंचे जिला उपायुक्त राहुल यादव और एसएसपी रमेश चंद्र कोतवाल ने गुस्साए प्रदर्शनकारियों को समझाया। प्रदर्शन के पांच घंटे बाद जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश की प्रति दिखाकर प्रदर्शनकारियों को शांत किया। मजिस्ट्रियल जांच के अलावा पुलिस विभाग ने भी विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।