क्षेत्र के कई गांवों में राशन डीलरों द्वारा तय कोटे के मुताबिक राशन नहीं मिलने से ग्रामीणों में रोष है। लोगों का कहना है कि राज्य सरकार की ओर से हर परिवार को हर माह 35 किलो राशन मुहैया करवाने का प्रावधान रखा गया है, लेकिन मात्र दस किलो आटा और पांच किलो चावल ही दिया जा रहा है। पूछताछ करने पर राशन डीलरों का कहना होता है कि जितना राशन उन्हें मिलता है, उसी हिसाब से लोगों को वह मुहैया करवाते हैं।
स्थानीय रामलाल, हंसराज, करतार चंद, बंसीलाल, पुरुषोत्तम शर्मा, मदन लाल, अमरनाथ, सरदारी लाल का कहना है कि सरकार को चाहिए कि हर माह तय कोटे के मुताबिक डीलरों को राशन मुहैया करवाया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। राशन डीलर एसोसिएशन आरएस पुरा के प्रधान नरेंद्र सिंह का कहना है कि कई राशन डीलरों को राशन ही नहीं दिया जाता।
इससे भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस संबंध में आरएस पुरा के खाद्य व आपूर्ति विभाग के तहसील अधिकारी रछपाल सिंह का कहना है कि सरकार की ओर से पुरानी जनगणना के मुताबिक राशन मुहैया करवाया जा रहा है। इससे दिक्कतें आ रही हैं। जरूरत के मुताबिक राशन नहीं मिलने के कारण कई राशन डीलरों को हर माह राशन मुहैया नहीं करवाया जा रहा।