पैंथर्स पार्टी से अपना राजनीति जीवन का सफर शुरू करने वाले हर्ष देव ने सात मई को आम आदमी पार्टी का दामन थाम अपने नए राजनीतिक जीवन का सफर शुरू किया। हालांकि यह सफर सिर्फ नौ महीने तक ही चला। हर्ष देव सिंह का आप को छोड़ने का फैसला काफी हद तक परिवारिक फैसला है। वह अपनी उस पार्टी को पुर्नजीवित करना चाहते है जहां से उन्होंने अपना राजनीतिक सफर शुरू किया है।
पैंथर्स पार्टी के संस्थापक प्रो. भीम सिंह के निंधन के बाद पैंथर्स पार्टी में कोई नेता नहीं बचा था। पार्टी राजनीतिक अज्ञातवास का शिकार हो रही है। ऐसे में अपनी परिवार को पार्टी को फिर से लोगों के बीच लाने के लिए आप को छोड़ने का फैसला लिया है। पैंथर्स पार्टी में अध्यक्ष पद छोड़ कर हर्ष देव सिंह ने आम आदमी पार्टी का दामन थामा था।
गुरुवार को हर्ष देव सिंह ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर आम आदमी पार्टी छोड़ने के ऐलान किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। साथ ही जम्मू कश्मीर पैंथर्स पार्टी को फिर से मजबूत करने की बात कही। वहीं, उन्होंने पार्टी को भेजा गया इस्तीफा पत्र भी जारी किया। इसमें उन्होंने पार्टी छोड़ने के फैसले के पीछे नीजि कारण बताया है।
हालांकि सोशल मीडिया पर लाइव के दौरान आम आदमी पार्टी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा, 'ये पार्टियां भाजपा के सामने बोलने के लिए तैयार नहीं हैं। इनके अपने हित हैं। ऐसे में उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया है।' आगे उन्होंने कहा कि जनता भाजपा की जनविरोधी नीतियों से परेशान है और ऐसे में जनता को एक विकल्प चाहिए। जम्मू कश्मीर में पैंथर्स पार्टी का झंडा एकबार फिर बुलंद होगा।
पैंथर्स पार्टी में रहते हुए हर्ष देव सिंह रामनगर विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे हैं। 1996 में वह पहली बार विधायक बनकर जम्मू कश्मीर विधानसभा पहुंचे थे। 2002 में कांग्रेस-पीडीपी सरकार में वह शिक्षा मंत्री बनाए गए थे। प्रो भीम सिंह ने पैंथर्स पार्टी को 23 मार्च 1982 को गठन किया था।