परगवाल। सीमावर्ती क्षेत्र परगवाल में वीरवार देर रात गेहूं की नडी में लगी आग ने क्षेत्र में तांडव मचाया। देखते ही देखते आग समूचे कृषि क्षेत्र में फैल गई। आग से खेतों में खड़ी करीब 20 एकड़ गेहूं की फसल, चार कुल्ले, भूसा, गेहूं की भरी बोरियां और पेड़ पौधे जल गए।
आग इतनी जबरदस्त थी कि एक समय तो परगवाल से गुढ़ा मन्हास जाने वाला मार्ग कुछ देर के लिए बंद हो गया। आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। आग देखने के लिए कई लोग मकान की छतों पर चढ़कर आग देखते नजर आए। हालांकि इसी बीच दमकल विभाग की गाड़ी आग बुझाने के लिए चारों दिशाओं में दौड़ती रही। आग गांव परगवाल से शुरू हुई और गांव सजवाल गवाढ सरवाल कोठे ब्राह्मणा कुल्ले और हमीरपुर कोना तक पहुंच गई। इसी बीच कुछ किसानों ने ट्रैक्टर लेकर खेत जोतते हुए आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग ने विकराल रूप जारी रखा। हालांकि इन क्षेत्रों में ज्यादा नुकसान तो नहीं हुआ, लेकिन दूसरी तरफ गांव भलवाल भरत और भलवाल मोलू में आग से किसानों का काफी नुकसान हुआ।
गांव भलवाल भरत में ही कई एकड़ खड़ी गेहूं की फसल जल कर राख हो गई। आग कैसे लगी, इसका कोई पता नहीं चल पाया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि गेहूं की कटाई के बाद बचे नाड में लगी आग और तेज हवा से दूसरे खेतों में खड़ी फसल को अपनी चपेट में लिया। आग से चार कुल्ले भी जलकर राख हो गए। गांव भलवाल मोलू के तरसेम शर्मा के कुल्ले को लगी आग से अंदर रखा सारा समान जलकर राख हो गया। कुल्ले के पास बंधे मवेशी भी आग की चपेट में आ गए। हालांकि बाकी मवेशी किसी तरह खोल दिए गए, लेकिन एक गाय आग में झुलस गई, जिसकी बाद में मौत हो गई। कुछ मवेशियों के जख्मी होने की सूचना है।
गांव भलवाल भरत में भी तीन कुल्ले जलने और उसके अंदर रखा सारा सामान जलने की खबर है, जिसमें बिला राम का रिहायशी कुल्ला भी शामिल है।
तहसीलदार मंजीत सिंह ने क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी हर संभव मदद की जाएगी।
बिश्नाह में कई किसानों की मेहनत तबाह
बिश्नाह। क्षेत्र में किसानों के खेतों में आग लगने की घटनाओं में वृद्धि हुई है। शुक्रवार को क्षेत्र के टिंडे खुर्द, लल्याणा, चक हासल, चुंबईयां पंडिता में आग लगने से किसानों की कई एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पा रहा है।
लोगों का कहना है कि कई किसान अपनी फसलों की कटाई मशीन से कराकर पीछे खेतों में बचे भूसे को आग लगा रहे हैं, जिससे आसपास के किसानों के खेतों में खड़ी फसल भी इसकी चपेट में आ रही है। इससे किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। वहीं बिश्नाह में बने फायर ब्रिगेड स्टेशन में एक ही गाड़ी होने से एक साथ कई जगहों पर आग लगने पर पहुंचना मुश्किल हो रहा है, जिससे भी किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। लोगों ने मांग की है कि सरकार को दिल्ली और हरियाणा की तर्ज पर सख्त कानून बनाए जाएं। ताकि किसानों को आग लगने से होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।