रियासत के लगभग एक दर्जन युवाओं ने यूपीएससी में परचम लहराया है। इनमें तीन महिला अभ्यर्थी शामिल हैं। अतहर आमिर उल सोफी खान ने देश में दूसरा स्थान पाकर रियासत का नाम रोशन किया।
मंगलवार को घोषित यूपीएससी परीक्षा परिणाम में कश्मीर घाटी की तीन लड़कियों सीमा नबी कसाबा, दीबा फरहत और रुविदा सलाम ने सफलता हासिल की। सीमा ने बताया कि वे दूसरी बार यूपीएससी की परीक्षा में शामिल हुई थी। इससे पहले उन्होंने 2014 में यूपीएससी की परीक्षा दी थी, लेकिन उन्हें सफलता नहीं हासिल हुई थी।
उन्होंने कहा कि इस बार उनकी सफलता से वह और उनके परिवार वाले काफी खुश हैं। सीमा फिलहाल एलएलबी करने के बाद दिल्ली में एक कंपनी में नौकरी कर रही हैं।
वहीं मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के गृहनगर बिजबिहाड़ा की दीबा ने पिछले वर्ष यूपीएससी की परीक्षा में 553वीं रैंक हासिल की थी। उन्होंने इस वर्ष और अच्छा प्रदर्शन करते हुए 281वीं रैंक हासिल की।
दीबा मौजूदा समय में कश्मीर एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (केएएस) की अधिकारी हैं और ग्रामीण विकास विभाग में अपनी सेवाएं दे रही हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष वे अपने परिणाम से संतुष्ट नहीं थी, लेकिन इस वर्ष वह संतुष्ट हैं। वह अपनी रैंक पर मिलने वाले पद को ज्वाइन करेंगी।
वहीं आतंकवाद प्रभावित कुपवाड़ा जिले की रुविदा ने 2013 में यूपीएससी परीक्षा पास कर यह परीक्षा पास करने वाली कश्मीर की पहली महिला का गौरव हासिल कर इतिहास रचा था। रुविदा दो बार यूपीएससी की परीक्षा पास कर चुकीं हैं और मौजूदा समय में असिस्टेंट कमिश्नर आफ पुलिस के रूप में चेन्नई में अपनी सेवाएं दे रही हैं। इस वर्ष उन्होंने 764वीं रैंक हासिल की है।