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10वीं में नंबर कम आने पर अपहरण और फिर...

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स्कूल की परीक्षा में नंबर कम आने पर माता-पिता का ध्यान भटकाने के लिए दसवीं के विद्यार्थी ने अपने दोस्त के साथ मिलकर खुद के अपहरण का ड्रामा किया।
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लेकिन उधमपुर पुलिस ने डोडा पुलिस के साथ मिलकर तीन घंटे में ही मामला सुलझा लिया। इसके लिए पुलिस ने स्पेशल टीम का गठन किया था।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार की सुबह करीब आठ बजे जेल रोड उधमपुर में रहने वाले मांड निवासी रोमेश सिंह ने उधमपुर थाने में शिकायत दर्ज करवाई की कि किसी ने दसवीं में पढ़ने वाले उसके बेटे रुद्राक्ष उर्फ अंशु का कैप्परी इलाके से अपहरण कर लिया है।

अंशु घर से ट्यूशन पढ़ने के लिए निकला था। पुलिस ने धारा 363 के तहत मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी। इसके लिए एसएसपी मोहम्मद सुलेमान चौधरी के निर्देश पर एएसपी मोहन लाल कैथ ने गौरव महाजन और एसएचओ अर्जुन सिंह के नेतृत्व में टीम का गठन किया।
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पुलिस ने कर लिया बरामद

पुलिस ने सभी नाकों पर इसकी सूचना जारी कर दी। सभी जिलों की पुलिस को भी इसकी जानकारी भेज दी गई। जिन पर संदेह था उनको हिरासत में लेकर पूछताछ भी की गई।

पुलिस ने जांच-पड़ताल के बाद तीन घंटे में छात्र को भद्रवाह में एक बस से बरामद कर लिया। उसके साथ एक सहपाठी भी मौजूद था। पुलिस ने दोनों से पूछताछ शुरू की।

पहले तो दोनों कुछ बता नहीं रहे थे, लेकिन जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो दोनों ने सच्चाई उगल दी। अंशु ने बताया कि परीक्षा में उसका प्रदर्शन बहुत ही खराब रहा।

पैरेंट्स मीट में अभिभावक को यह जानकारी दी गई। ऐसे में माता-पिता का ध्यान इससे हटाने और सहानुभूति हासिल करने के लिए उसने अपने दोस्त के साथ अपहरण का नाटक रचा।

वह अपने दोस्त के साथ भद्रवाह की बस पर सवार हो गया और पिता तक अपने अपहरण की सूचना पहुंचाई। डोडा जिले की पुलिस ने दोनों को परिवार वालों को सौंप दिया।
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