जम्मू महानगरीय क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अधीन कठुआ जिले के हीरानगर का क्षेत्र भी शामिल होगा। इसमें हीरानगर के 65 गांव शामिल हो रहे हैं। जिनमें बुनियादी ढांचे से लेकर शहरीकरण को बढ़ावा देने के लिए विकास कार्यों पर फंड्स अब विकास प्राधिकरण की ओर से भी जारी किए जाएंगे। इसी कड़ी में हीरानगर में एक बस टर्मिनल और पार्किंग को बनाया जाना भी प्रस्तावित है। जिसके लिए डीपीआर बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जम्मू महानगरीय क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अंतगर्त जिले के हीरानगर से फेरू चक, टरंगोली, अर्जुन चक, सूबा चक, हीरानगर, बेलिया, रख सरकार हीरानगर, जंगी चक, चक रत्न, सनियाल, अल्लूचक, बासी जंवाल, डोलका, जल्ला चक, जांडी, ठूठे चक, डंडवाल, ज्वालू चक, भीडू चक, गूड़ा मुंडेयां, गूड़ा बालू, गूड़ा बेलदारां, गूड़ा, सतूरा, गरा, भैया, मेला, कट्टल ब्राह्मणा, मुट्ठी हरदों डूंगा, पंथाल, कूटा, कनाह, पट्टा रसाना, सैडा, सोहल, छन्न खत्रियां, सुक्खू चक, बेरी, छन्न मोरियां, गूड़ा मेहतेयां, धमयाल, सल्लन, रख सरकार सल्लन, ढल्ली, चजरथ, चक बलांडा, पटियाड़ी ब्राह्मणां, ढाल्ता, चक बानू, कसबा, चक दियाला, लंगरियाल, करवाल, बरमाल, छन्न रंगा, पथवाल, करियाड़ा, चड़वाल, छन्न दितयाल, कोड़ कसबा, खरड़, स्प्रैन, छपाकी कलां, छपाकी खुर्द, चक गंगा राम और गदियाल शामिल हैं।
डीसी कठुआ राहुल यादव ने बताया कि जिले का हीरानगर क्षेत्र जम्मू महानगरीय क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अधीन आया है। बताया कि हीरानगर के लिए मोबिलिटी प्लान के तहत प्रपोजल मांगा गया था, जिसमें बस टर्मिनल और पार्किंग प्लेस का प्रपोजल बनाकर भेजा गया था। फिलहाल इसकी डीपीआर बनाने की प्रक्रिया को अंजाम दिया जा रहा है।
यह भी पढ़ें- आग का तांडव: राख हो गई केमिकल फैक्टरी, दो किलोमीटर दूर तक धमाकों की आवाज से सिहर उठे लोग
यह भी पढ़ें- एक्सक्लूसिव : कठुआ में जम्मू-कश्मीर का पहला ड्राई पोर्ट अक्तूबर तक होगा तैयार