उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि लोगों की जान बचाना और उनकी सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कर और जांच-ट्रैकिंग व टीकाकरण का सख्ती से अनुपालन कर ही संभव है। कोरोना के प्रसार को स्थिर करने में सफलता मिली है, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी जोखिम को कम करना है। उन्होंने उप केंद्रों तक कोरोना जांच सुविधा सुनिश्चित करने की हिदायत दी।
सचिवालय में कोविड टास्क फोर्स, सभी जिलों के डीसी व एसपी के साथ उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश में कोरोना से उत्पन्न हालात की समीक्षा की। कहा कि प्रोटोकॉल का पालन कर और जांच-ट्रैकिंग व टीकाकरण से ही कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोका जा सकता है। इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए। सभी जिले के डीसी व एसपी इसका शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराएं। लोगों की सामाजिक सुरक्षा के साथ ही आर्थिक सेहत को भी सुधारना है।
उन्होंने नियमित तौर पर स्थिति की समीक्षा करने और एक्सपर्ट से इनपुट लेने को कहा। डिवकाम, आईजी, डीसी व एसपी से हालात की जानकारी लेने के बाद उन्होंने उनके क्षेत्राधिकार में कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन कराने की हिदायत दी।
प्राथमिकता आयु वर्ग के टीकाकरण पर खास जोर
जांच और वैक्सीनेशन को बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि प्राथमिकता वाले आयु वर्ग के टीकाकरण पर विशेष ध्यान दें। बैंक, एयरपोर्ट, रेलवे कर्मचारी, दुकानदार, किसान और सेवा प्रदाताओं को प्राथमिकता पर टीका लगे। जिलावार टीकाकरण की समीक्षा करते हुए उन्होंने पाया कि जम्मू, गांदरबल व शोपियां ने 45 साल से अधिक उम्र के लोगों के प्रथम डोज के टीकाकरण में 100 फीसदी लक्ष्य को पा लिया है। उन्होंने सभी डीसी को 100 प्रतिशत टीकाकरण की हिदायत दी।
प्रदेश की 80 फीसदी पंचायतों में कोविड सेंटर स्थापित
बैठक में बताया गया कि पूरे प्रदेश की 80 पंचायतों में कोविड केयर सेंटर की स्थापना कर दी गई है। उप-राज्यपाल ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर से काम नहीं चलेगा बल्कि जमीनी स्तर पर परिणाम के लिए वहां उपलब्ध सुविधाओं का अधिकतम इस्तेमाल होना चाहिए। यह हर हाल में सुनिश्चित हो।
उन्होंने आशा, आंगनबाड़ी, एएनएम, अन्य स्टाफ की ट्रेनिंग में तेजी लाने को कहा। उच्च दर वाले इलाकों की नियमित निगरानी करने तथा माइक्रो कंटेनमेंट जोन में सख्ती का कड़ाई से पालन कराने को कहा। उन्होंने ऑक्सीजन की उपलब्धता, ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना की समीक्षा करते हुए कहा कि गांवों में बने कोविड सेंटर में भी जरूरत के अनुसार सिलिंडर सप्लाई करने की हिदायत दी।