राज्य पुलिस ने रियासत में विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए केंद्र से सुरक्षा बलों की 600 अतिरिक्त कंपनियों की मांग की है। पुलिस महानिदेशक के राजेंद्रा ने बताया कि पांच चरण में होन वाले विधानसभा चुनाव के सभी चरणों के लिए सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की रणनीति बना ली गई है।
उन्होंने कहा कि आंतरिक सुरक्षा के अलावा बाहरी सुरक्षा को पुख्ता बनाने के लिए सभी सुरक्षा एजेंसियों को सूचनाओं का आदान-प्रदान लगातार करने और किसी भी सूचना पर तुरंत कार्रवाई करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं। राजेंद्रा ने कहा कि एक अनुमान के मुताबिक रियासत में करीब 200 आतंकी सक्रिय हैं।
आतंकी चुनाव के दौरान खलल न डाल सकें इसके लिए आतंकी संगठनों के मददगारों और ओवर ग्राउंड वर्करों पर नकेल कसी जाएगी। इंटेलीजेंस नेटवर्क को पुख्ता बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि रियासत में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही चाक चौबंद है। पर चुनाव के मद्देनजर जहां और जिस क्षेत्र में सुरक्षा के मद्देनजर जो भी कदम उठाने की जरूरत होगी, उन पर पूरी तरह से अमल किया जाएगा। राजेंद्रा ने बताया कि जिला स्तर पर भी पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था की पुनर्समीक्षा करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
सीमा और नियंत्रण रेखा पार की गतिविधियों के मद्देनजर के राजेंद्रा का कहना है कि पुलिस की जिम्मेदारी आंतरिक सुरक्षा की है। पर सेना और बीएसएफ सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों और इंटेलीजेंस नेटवर्क के माध्यम से सभी पहलुओं पर पैनी नजर रखी जा रही है।
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि शनिवार को चुनाव आयोग की घोषणा के बाद उन्हें पूरी उम्मीद है कि जल्द ही केंद्र की ओर से अतिरिक्त सुरक्षा बलों की 600 कंपनियों की मांग पर भी अमल शुरू कर दिया जाएगा।