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जम्मू-कश्मीर में 18 महीने बाद चला 4जी इंटरनेट, लेकिन प्रीपेड ग्राहकों को होगी यह दिक्कत

Fri, 05 Feb 2021 08:31 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

- केंद्रीय गृह मंत्रालय की हरी झंडी पर गृह विभाग के प्रधान सचिव ने जारी किया आदेश
- प्रीपेड पर हाई स्पीड इंटरनेट प्रमाणीकरण के बाद ही मिलेगी सेवा
- 4जी बहाली के असर पर नजर रखेंगे आईजीपी
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन के साथ ही प्रदेश में बंद की गई मोबाइल 4जी इंटरनेट सेवा डेढ़ साल बाद बहाल हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद प्रदेश गृह विभाग के प्रधान सचिव शालीन काबरा ने शुक्रवार को हाई स्पीड इंटरनेट पर लगी पाबंदियां हटाने के आदेश जारी कर दिए।

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उन्होंने आदेश में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर गठित विशेष समिति की गहन समीक्षा के बाद 22 जनवरी 2021 के आदेश में लगाई गई पाबंदियां हटाई जा रही हैं। केवल प्रीपेड मोबाइल सेवा में 4जी शुरू करने से पूर्व पोस्टपेड के लिए निर्धारित प्रमाणीकरण की प्रक्रिया से गुजरना होगा।

जम्मू और कश्मीर संभागों के आईजीपी को आदेश दिया गया है कि वे हाई स्पीड मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बहाल होने के असर को मॉनीटर करते रहें। इससे पूर्व उप राज्यपाल प्रशासन के प्रवक्ता रोहित कंसल ने शुक्रवार शाम ट्वीट कर 4जी इंटरनेट बहाल करने की जानकारी दी थी।
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सुरक्षा कारणों के चलते अगस्त 2019 में 4जी समेत सभी इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदी लगाई गई थी। शुक्रवार तक अंतरराष्ट्रीय सीमा और एलओसी से दूरी वाले जिलों जम्मू संभाग के उधमपुर व कश्मीर के गांदरबल में ही 4जी इंटरनेट सेवा चल रही थी। शेष सभी जिलों में 2जी इंटरनेट सेवा की ही अनुमति दी गई थी। 

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पढ़ाई से लेकर कारोबार तक में आ रही थी परेशानी

जम्मू-कश्मीर में 4जी इंटरनेट सेवा न होने से विद्यार्थियों, कारोबारियों से लेकर अन्य वर्गों को रोजमर्रा की कई परेशानियां हो रही थीं। जम्मू-कश्मीर के हालात की समीक्षा से लेकर नुकसान का आकलन करने आए संसदीय दल के समक्ष इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया था।

ऑनलाइन कक्षाएं न होने से बच्चों के अभिभावक और ई-वे बिल के ऑनलाइन भुगतान न होने से परेशान कारोबारी विभिन्न मंचों पर इस मुद्दे को उठा रहे थे। सात जनवरी को उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर में जल्द ही 4जी इंटरनेट बहाल किया जाएगा।

5 अगस्त को लगाई गई थी पाबंदी
अनुच्छेद 370 हटाने को लेकर अगस्त 2019 में एहतियातन की गई सुरक्षा व्यवस्था के बीच 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट पर पाबंदी लगा दी गई थी। इसके बाद सबसे पहले ब्रॉडबैंड को बहाल किया गया। बाद में जम्मू से 2जी सेवा बहाली की शुरुआत की गई।

हालात की समीक्षा कर कश्मीर में भी 2जी सेवा बहाल की गई। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई। सुप्रीम कोर्ट की ओर से 4जी इंटरनेट सेवा बहाली की संभावनाओं संबंधी निर्देश पर सरकार ने 16 अगस्त 2020 को उधमपुर और गांदरबल जिलों में 4जी इंटरनेट सेवा ट्रायल पर बहाल की।

आतंकी हमलों, देश विरोधी गतिविधियों की दी गई दलील
जम्मू-कश्मीर में डेढ़ साल तक हाई स्पीड मोबाइल इंटरनेट पर पाबंदी के लिए सरकार की ओर से सुरक्षा कारण बताए गए। गृह विभाग ने समय-समय पर हालात की समीक्षा कर आतंकी हमलों और देश विरोधी गतिविधियों पर अंकुश के लिए हाई स्पीड इंटरनेट की पाबंदी को अनिवार्य बताया।

उमर अब्दुल्ला बोले- '4जी मुबारक
डेढ़ साल बाद जम्मू-कश्मीर में फोर जी इंटरनेट सेवा बहाल होने के बाद उमर अब्दुल्ला ने भी ट्वीट कर कश्मीर के लोगों को मुबारक दी। उन्होंने लिखा, '4जी मुबारक! अगस्त 2019 के बाद पहली बार पूरे जम्मू कश्मीर को 4जी इंटरनेट डाटा मिल रहा है। देर आए दुरुस्त आए।'
 
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