जम्मू। बिजली की कमी को पूरा करने के लिए पीपीए, यूआरएस, आईईएक्स और अन्य आर्थिक रूप से उपयुक्त साधनों से अतिरिक्त बिजली खरीदी जाएगी। हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में राज्य में बिजली की उपलब्धता में सुधार हुआ है। गर्मी में उपभोक्ताओं को नियमित और सुचारु बिजली प्रदान करने के लिए जेकेपीडीडी की तैयारियों की समीक्षा के लिए राज्यपाल सत्य पाल मलिक की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई।
बैठक में सचिव हृदेश कुमार ने विभाग द्वारा पिछले वर्ष गर्मी के दौरान बिजली आपूर्ति के लिए किए उपायों के बारे में जानकारी दी। ट्रांसमिशन सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है। इससे पर्याप्त बिजली उपलब्ध होगी। 50 केवीए की क्षमता 220 केवी स्तर पर और 290 एमवीए की क्षमता 132 केवी स्तर पर उपलब्ध होगी। डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में 29 ओवरलोडिंग स्टेशनों के कारण विद्युत संकट को दूर करने के लिए नए ट्रांसफार्मर और डीटी स्तर पर 167 एमवीए क्षमता बढ़ाई जाएगी।
गर्मी में जम्मू शहर, उधमपुर, रियासी और रामबन कस्बे के क्षेत्रों में 24-7 बिजली की आपूर्ति की जाएगी। इस सीजन में जिला सांबा, कठुआ, राजोरी, पुंछ, डोडा, किश्तवाड़ के शहरी इलाकों में बिजली कटौती 1 घंटे से अधिक नहीं होगी। पीडीडी ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती को कम से कम करे। विशेष रूप से शाम 6 बजे से रात 11 बजे तक, जब घरों में अधिकतम बिजली की आवश्यकता होती है। इस दौरान कट कम लगेंगे। सिस्टम में लगभग 60,000 डीटी चल रहे हैं और डीटी की विफ लता से जनता को बहुत असुविधा होती है। राज्यपाल ने विभाग को अधिभार संरक्षण उपकरणों को स्थापित करने का निर्देश दिया। इससे डीटी को जलने से बचाया जा सकेगा। गवर्नर ने विभाग को बफ र स्टॉक कांप्लेक्स में अग्निशमन उपकरण स्थापित करने को कहा। उपभोक्ता केंद्रित सेवाओं में सुधार के लिए, बिजली आपूर्ति से संबंधित मुद्दों, शिकायत पंजीकरण के बारे में किसी भी जांच के लिए 24-7 संभाग स्तरीय शिकायत केंद्र स्थापित करते हुए एक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर, कॉल सेंटर सेवा दी जाएगी। विभाग को बिजली चोरी पर सख्त जांच करने का निर्देश दिया। दुर्घटना से बचने के लिए लाइन स्टाफ को सुरक्षा उपकरण प्रदान किए जाएं।
बैठक में राज्यपाल के सलाहकार खुर्शीद अहमद गनई, मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम, प्रधान सचिव उमंग नरुला, मंडलायुक्त संजीव वर्मा उपस्थित थे।