जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में अगले छह माह में 70 हजार करोड़ रुपये का निवेश लाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में पर्यटन और आतिथ्य (हॉस्पिटेलिटी) सहित अन्य क्षेत्रों में निवेश को आकर्षित किया जा रहा है। कश्मीर में खाड़ी देशों से उद्यमियों का 36 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दौरे पर है।
उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार ने अब तक 26 हजार करोड़ रुपये से अधिक के औद्योगिक निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। निवेशकों को सरल प्रक्रिया में भूमि उपलब्ध करवाई जा रही है। निवेशकों का रुझान देखते हुए अगले छह माह में रिकॉर्ड निवेश मिलने की उम्मीद है।
कश्मीर के दौरे पर आए 34 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में रियल एस्टेट, आतिथ्य, दूरसंचार, आयात-निर्यात और अन्य क्षेत्रों के शीर्ष व्यवसायी शामिल हैं। शारजाह में सत्तारूढ़ परिवार का एक सदस्य भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल है।
जम्मू-कश्मीर में औद्योगिक क्षेत्र में नए बदलाव के साथ निवेशक जम्मू-कश्मीर में निवेश का रास्ता तलाश रहे हैं। उद्यमियों के चार दिवसीय कार्यक्रम पर उपराज्यपाल ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि इसके अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे। निवेश को लेकर जल्द ही स्पष्ट तस्वीर सामने आ जाएगी। जम्मू और कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश होगा।
वहीं, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर प्रतिनिधिमंडल को प्रमुख अवसरों और विकास क्षेत्रों को उजागर करके उद्योग व पर्यटन में नए निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य बना रहा है। प्रतिनिधिमंडल पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में निवेश अवसरों का पता लगाने के लिए पहलगाम और गुलमर्ग के प्रसिद्ध पहाड़ी रिसॉर्ट का दौरा करेगा।
कारीगरों के साथ होगी बैठकें
जम्मू-कश्मीर में आयात-निर्यात से जुड़े लोगों और स्टार्ट अप्स के साथ कुटीर व रेशम उद्योग, उत्पाद प्रदर्शन व कारीगरों की बैठकें होंगी। यह कार्यक्रम निर्यात प्रोत्साहन और उद्यम के अनुकूल माहौल के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा बनाने की दिशा में सरकार द्वारा की गई पहल के अनुरूप है।
प्रतिनिधिमंडल में 30 से ज्यादा कंपनियों के सीईओ
श्रीनगर में चार दिवसीय कार्यक्रम का हिस्सा बनने वाले खाड़ी देशों के प्रतिनिधिमंडल में 30 से ज्यादा कंपनियों के सीईओ शामिल हैं। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सेंचुरी फाइनेंशियल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बाल कृष्ण कर रहे हैं। इसमें सऊदी अरब समेत अन्य देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं। इससे पूर्व जनवरी माह में उप राज्यपाल के दुबई दौरे में लुलु समूह, अल माया ग्रुप, माटू इनवेस्टमेंट्स एलएलसी, जीएल इंप्लायमेंट ब्रोक्रेज एंड नून ग्रुप समेत कई अन्य के साथ एमओयू हुआ था। इनमें सेंचुरी फाइनेंशियल के साथ 100 मिलियन डॉलर का समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित भी शामिल है।